अपने-बच्चे-की-गैस-की-समस्या-को-पहचाने-तथा-निवारण-करें

गैस की समस्या एक आम बात है- चाहे बुड्ढे हों या बच्चे। शायद इसीलिए बुढ़ापे को दूसरा बचपन कहते हैं। खैर, मजाक अलग- बच्चों को गैस हो सकता है और यह उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है ( मतलब आपकी परेशानी )। बच्चे में गैस का कारण अधिक हवा अंदर ले लेना हो सकता है। यह उनके खाने, रोने या किसी चीज को चूसने के दौरान हो सकता है। यह आँतों में गैस्ट्रिक जूस का निर्माण करता है जिससे उनको छुटकारा पाने में बाधा उत्पन्न होती है।

कुछ आम तरीके से हम पहचान सकते है कि बच्चे को गैस है :-

1)गैस की प्रवृत्ति होती है- डकार या फाटॆ के जरिए बाहर आना 2)आप यह भी देख सकती हैं कि आपके बच्चे का पेट कड़ा या फूला हुआ हो सकता है। 3)आपका बच्चा परेशानी या हिचकी की वजह से बार बार रो सकता है और सामान्य से अधिक बार थूकता है। यह रोना सामान्य रोने से अलग हो सकता है। बचाव कुंजी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके बच्चे को गैस ना हो, हर बार खिलाने के बाद उसे डकार कराएँ। यह करने के लिए खिलाने के बाद अपने बच्चे की पीठ को धीरे-धीरे थपथपाएँ और रगड़ें। एक और बात जो ध्यान रखनी चाहिए है कि खिलाते वक्त बच्चे ऐसी एंगल पर हो कि अनावश्यक हवा को अंदर जाने से रोका जा सके।यह जानने के लिए की आपके द्वारा खिलाई जा रही चीजें बच्चे की सेहत के लिए सही हैं तथा बच्चे की शरीर पर कोई बुरा असर नहीं डालती डाक्टर से सलाह लें। बच्चे को खिलाते वक्त सीधा बिठाएँ ताकि दूध गलत तरीके से नीचे ना जाए। जल्दी जल्दी में खिलाने से बचें। “पर मैंने यह गलतियाँ की हैं, मुझे अपने बच्चे के लिए क्या करना चाहिए अगर उसे गैस है?” अगर इस वक्त आप खुद से यह सवाल पूछ रहीं हैं तो हमारे पास आपके लिए कुछ सलाह हैं। शुरुआत के लिए आप अपने बच्चे की मालिश कर सकती हैं। अपने बच्चे के पेट और पीठ को धीरे-धीरे रगड़े और मालिश करें। यह आपके बच्चे के शरीर से गैस को निकालेगा तथा उसे आराम पहुंचाएगा। दूसरा प्रभावी तरीका है अपने बच्चे के पैर को साइक्लिंग गति में घुमाना। यह आँतों को गतिशील बनाता है जिससे गैस बाहर आ जाता है। अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद कुछ अन्य चीजें आप कर सकती हैं। पहला, आप गैस ड्राप कि इस्तेमाल कर सकती है जो आँतों को आराम देता है। दूसरा, आप काउंटर दवाइयों/ फार्मास्यूटिकल दवाइयों का इस्तेमाल कर सकती है जो गैस से आराम दिलाता है। अगर कुछ दिन बाद भी गैस पारित न हुई हो, तो अपने नन्हे को जाँच के लिए चिकित्सक के पास ले जाएँ।

Leave a Reply

%d bloggers like this: