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शिशु के पैदा होने से लेकर उसकी अच्छे पालन पोषण की प्रक्रिया तक एक निरंतर सीख मिलती है | आप पहली बार माँ बनी है तो दिन के अंत में अपने शिशु के बारे में कौन सी नयी चीज़ आपने आत्मसात की है, इसके बारे में सोचना स्वाभाविक है |

इस हिस्से को पढ़ रही हर माँ मुस्कुराकर मेरी बातों की हाँ में हाँ मिला देगी | जब बारी आई खाने की, तो इन नन्हे शैतानों का क्या कहना | हम चाहे कठिन से कठिन काम भी किसी तरह सुलझा ले पर बच्चों को भरपेट खिलाना अपने में ही एक असंभव काम है | आमतौर पर सभी माँएं अपनी बच्चों के ज़िद्दी और अक्खड़पनवाली आदतों से कभी तंग न आकर सहनशीलता से काम लेती है | यही माँ और बच्चे के बीच ममता का बेमिसाल डोर बना जाता है |

केवल स्तनपान से पोषित शिशु को स्तनपान के साथ साथ नियमित आहार भी शुरु करना अपने आप में एक बहुत बड़ा चुनौती है | बाहर नौकरी करनेवाली माँएं, जैसे आप मेरा उदाहरण ले सकते है, हमें बहुत पहले से यह इच्छा होती है की अपने बच्चों को जल्द से जल्द नियमित आहार की आदत करा दे |

इस उपाय का सही तरीका आज़माना ज़रूरी है | शुरुआत में हल्के -फुल्के आहार खिलाए जो केवल घर का बनाया हुआ हो और बच्चों के पाचक कार्य आराम से हो | ध्यान रक्खे की आहार नमकीन या मीठे स्वाद की हो और सही मात्रा में बच्चे को खिलाए  | आज कल खाने के लिए तैयार बच्चों के आहार प्रमुख ब्रांडो और प्रमुख नामों में उपलब्ध है और आप इसका भी उपयोग कर सकते है |

इन आहार पदार्थों का प्रयोग आप अपने बच्चे के चिकित्सक से सलाह लेने के बाद आज़माए | सही खिलाने से बच्चों  के नाज़ुक पेट को आराम मिल जाएगा | साथ ही, बच्चे खाने के स्वाद को पसंद कर आसानी से खाने लग जायेंगे |

पिछले कई सारे वर्षों में बच्चों के लिए आज़माये  हुए और अच्छे से परखे गए आहार विधियाँ काफ़ी सारे मौजूद है | ये श्रेष्ठ विधियाँ समय की कसौटी पार कर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक माँओं को लाभदायक साबित हुआ है | ऐसे ही चुने हुए १० ख़ास विधियों पर अब हम आगे चर्चा करेंगे |

1. दाल पानी

प्रेशर कुकर में दाल पकने के बाद जो शेष पानी बच जाता  है, उसे एक कटोरे में जमा करले | इसमें थोड़ी सा नमक या शक्कर मिलाकर शुरुआती तौर पर अपने ४ महीने के नन्हे बच्चे को खिलाये |

2. केला

अच्छे से मसले हुए केलों को खाना बच्चे पसंद करते है , साथ में उनके शरीर की लोहे की ज़रूरत भी पूरी भी हो जाएगी |

3. उबला हुआ सेब

सेब को  प्रेशर कुकर में डालकर उबाल ले और बाद में उसे अच्छे से मसलकर अपने  बच्चे को खिलाये | इससे उनकी विटमिन की ज़रूरत पूरी भी हो जाएगी |

4. चावल

पके हुए चावल को अच्छे से मसलने के बाद उसमे थोड़ा घी और नमक मिलाकर अपने ६ महीने के बच्चे को खिलाये |  

5. इडली

इडली सचमुच में बच्चों  के लिए अदभुत आहार है | इसे बनाने में ज़्यादा परेशानी न होगी और आसानी से हर जगह पर मिल भी जाएगी | बच्चों के साथ सफर पर जा रहे हो तो इडली ही सबसे ज़्यादा काम आएगी | इडली  के आविष्कार वालों को हमारा सादर प्रणाम |

6. दोसा

भोजन की विविध तैयारियों में हमारी भारतीय परंपरा बिलकुल लाजवाब है | दोसे  को शुरूआती तौर पर बिना तेल डाले खिलाए|

7. प्यासा चावल

‘पोहा ‘ नाम से मशहूर यह आहार बच्चों के नन्हे दाँतों को चबाना सिखाता है | पोहे के ऊपर हलके मसालों का  तड़का लगाकर खिलाये |

8. रोटियाँ  

स्वादिष्ट एवं पौष्टिक देसी आहारों में पराठे , चपातियाँ , नान, रोटियाँ आदी संपूर्ण  आहार माने जाते है |

9. मिठाईयाँ

बच्चों को केवल घर पे बनाई हुई  मिठाईयों को खिलाए |

10. उबली हुई सब्ज़ियाँ

सब्ज़ियों को अच्छे से उबालकर या उनकी प्यूरी बनाकर खिलाये  | इसके लिए आप गाजर, पालक, ब्रोकोली जैसी सब्ज़ियों का इस्तेमाल कर सकते  है| 

जैसे बच्चे बढ़ते जाते है, आप उनकी खाने में विविधता ज़रूर ला सकते है | भारत का भूगौलिक हिस्सा ऐसा बना हुआ है की इस विविधता को और ज्यादा मज़ेदार बनाता है | उन्नति और आधुनिकता के इन दिनों में विदेशी सब्ज़ियाँ और विदेशी फल आसानी से हर जगह मिल जाते है | इनका भी सेवन करना चाहिए |

माँ बाप हमेशा बच्चों के खाने की मात्रा को लेकर चिंतित रहते है | शिशु पेट की मात्रा पर बनी इस प्रसिद्ध कहावत पर अवश्य गौर करें – एक नवजात शिशु का पेट चेरी फल के बराबर होता है , एक  हफ्ते बाद पेट नींबू के हिसाब का बन जाता है, तीन हफ्ते तक अखरोट जैसा और एक महीने बाद आड़ू के आकार का ! आहार के पौष्टिक तत्वों की जानकारी रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है | बच्चों का भोजन छोटे छोटे हिस्सों में बँटकर अलग अलग समय पर खिलाए, एक ही बार में एक बड़ी थाली खाली करना उनके लिए संभव न हो |

बच्चों के खाने में विविधता लाए और अलग विधियों का प्रयोग करे | इससे बच्चे खाने का भरपूर आनंद उठायेंगे और आप आसक्ति से उनको खिलाने का प्रयास करेंगे | इन ख़ास पलों को रिकॉर्ड करना न भूले | माँ बाप होने का अनमोल एहसास आपकी खुशियों को दुगना कर दे|

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