नन्हे-बच्चो-के-माता-पिताओं-की-९-अनोखे-और-उल्लासित-बातचीत

एक बच्चा इस दुनिया में आते ही हमारा जीवन कितना बदल जाता है, बैठकर उन बदलावों को गिने तो आश्चर्य चकित रह जायेंगे | एक ऐसी चीज़ जो पति पत्नी के बीच बदल जाती है, वो है उन दोनों के बीच बातचीत के विषय | मन हमेशा उन विचारों पर चिंता करने लग जाता है जो शायद ही पहले किया हुआ हो |

बच्चे के दुनिया में आ जाने से आपके बातचीत के विषय किस तरह बदल लेता है, उनको हमने यहां सूचित करने का प्रयास किया है |

1. नींद प्रशिक्षण कब से शुरू किया जाए ?

बच्चों की सोने और जागने की आदतें काफ़ी अजीब होती है | माँ बाप ये इंतज़ार में रहते है की कब उनके बच्चे अपने आप सोना सीख जायेंगे , ताकी उन्हें भी रात को चैन की नींद मिले  |

2. जानू ,क्या ये हरी – पीली दिखायी पड़ रही है या पीली और हरी लग रही है ?

आप छोटे बच्चों के माँ बाप हो , तो ज़ाहिर सी बात है कि अगर कोई  ‘ पॉट्टी ’ जैसे विषयों पर चर्चा करेगा , तब भी  आपको कुछ ख़ास बुरा नही लगेगा | वो इसलिए है कि, अपने बच्चे के पॉट्टी को  बाहर निकालने के संबंध में उनकी देखभाल करना अब आपके लिए आम बात है |

3. ‘ग्लीबा’ – ये भी कोई सुना हुआ शब्द है क्या ?

माँ बाप अपने बच्चों के हर बढ़ते कदम के साथ ज़्यादा उत्साहित दिखने लगते है | बच्चा कोई नई शब्द तुतलाता है तो उसके बोलने की प्रयास देखकर माँ बाप एकदम प्रसन्न हो उठते है |

4. पॉट्टी  ट्रैनिंग कबसे शुरू ?

बच्चे आखिर क्या जाने पॉट्टी कहाँ करनी है | आपके नए सोफे पर पॉट्टी कर दिया तो आप ही जानो उसकी सफाई कैसे हो | इन सारी विषयों पर काबू पाने के लिए छोटे बच्चों के माँ बाप अपने बच्चे को जल्द से जल्द पॉट्टी ट्रैनिंग कराना पसंद करेंगे | अगर बच्चा बहुत छोटा है, तो सिखाई गई चीज़  आसानी से भूल जाता है , इसलिए सही उम्र में प्रशिक्षण देना आवश्यक है | डेढ़ साल और दो साल के बीच बच्चों को इस क्रम में प्रशिक्षण देना सही अवधि माना जाता है |

5. “अरे  बेटा “

जब बच्चे धीरे धीरे रेंगना शुरू कर देंगे , तब बहुत जल्द  मेज़ के कोनों तक पहुँच जाएंगे , उन्हें सावधान करने के लिए माँ बाप बच्चे को इस तरह पुकारते  है |

6. अरे ये क्या हो गया बाबा !

ऐसा  सोच लीजिये कि आप एक शानदार बाज़ार में गए हुए है और वहाँ आपका बच्चा खेलते खेलते संतरे के फलों का टोकरा गिरा देता है या आप किसी बड़े होटल में गए हुए है , बच्चा आपका निरंतर रोता हुआ चुप होने का नाम ही न ले रहा हो | ऐसे हालातों में लोग आपको अजीब नज़रों से देखेंगे और आप अपने मुँह कहीं छिपा लेना अवश्य पसंद करेंगे |

7. “बच्चे के नाखून कब काटे ? जब वो सोता हुआ होगा तब करें , अगर वो नींद में करवटें बदल दे तो? या फिर उसकी नींद टूट जाए तो क्या करें, इसे करना कितना मुश्किल लग रहा है ना ? “

बच्चे कितने  नाज़ुक होते है, तेज़ धार वस्तुओं  से उन्हें दूर रखना हर माँ बाप की  सोच होती  है | अगर सावधानी से आप उनकी नाखूनों को काट ले, तो काम आसान बन जाएगा | आप उनके  नाखून ऐसे ही रहने दे तो वो अपने आप को बिना समझे खरोच सकते है |

8.” शायद  हमारा बच्चा जान लेता है की हम कब नींद में पड़ जाते है, क्योंकि वह ठीक उसी समय जाग जाता है “

ये तो ज़ाहिर सी बात है की छोटे बच्चे बड़ों को बहुत कम चैन से सोने देते है |  ऐसे कम ही माँ बाप होते है जिनके छोटे छोटे बच्चे है और उसके बावजूद वे चैन से सो पा रहे है | बेहतर यही होगा की जब भी आपका बच्चा सो जाए, आप भी उसके साथ अपनी नींद पूरी कर ले और आशा करें की बच्चे की नींद देर से  टूटे |

9. “ ट्विंकल ट्विंकल लिटल स्टार, बा बा ब्लैक शीप, ए बी सी डी – इन्हें गुनगुनाने का धुन मेरे दिमाग में हज़ार सवाल पैदा कर जाते है “

बच्चों के मनपसंद बाल कविताएं आप गुनगुना रहे है और आपके दैनिक जीवन का वह एक हिस्सा बन चुका है | हमेशा उसे गुनगुनाते हुए आप उससे पीछे हटने का नाम भी नही ले रहे है | धीरे धीरे आपको यह भी पता लग जाएगा की सभी बाल कविताएं एक ही धुन के विविध राग जैसे है | अगर आपको अभी तक यह महसूस नहीं हुआ हो, तो बाल कविताएं सीखना अभी से शुरू कर दीजियेगा और मज़ा देखिये की आप जहाँ भी जाए वही धुन आप गुनगुनाते हुए दोहरायेंगे 

Leave a Reply

%d bloggers like this: