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गर्भावस्था पूर्णतया माताओं के लिए नही है; हाँ वह बच्चे को 9 महीने तक धारण करती है पर बच्चे के अन्य 50% मे, पिता का अतुल्य योगदान होता है। अब, वो अवश्य ऐसे वक्त मे अपनी भूमिका के बारे मे सोच रहे होंगे। खैर, सहारा बनने के अलावा, अवश्य, निम्नलिखित तरीकों से पति अपनी गर्भवती पत्नी की सहायता कर सकता है:

1. समझदारी दिखाएँ

आपकी पत्नी कई हार्मोनल बदलाव तथा मानसिक उतार-चढ़ाव से गुजर रही होती है। हो सकता है इस वक्त उन्हे आपका व्यवहार पसंद ना आए या उनका पसंदीदा भोजन अब पसंदीदा ना रहा हो। उनके खाने की इच्छा को समझे; बात जब उनके शरीर और व्यवहार की है तो काफी कुछ बदलेगा। आप स्नेह दें और उनके साथ वक्त बिताएँ।

2. उसके पास रहें

इस वक्त उसके शरीर मे कई सारे बदलाव आएंगे। वो अपने आप को आकर्षक नही पाएंगी और यह उन्हें काफी असहज महसूस कराएगा। आप सामान्य वक्त की तरह उस वक्त भी उन्हे यह एहसास दिलाए की वो खूबसूरत है और काफी खास भी। ये कुछ महीने ऐसे हैं जहाँ आपको उन्हें काफी प्यार देने की आवश्यकता है।

3. प्यार करें

यह एक मिथक है जिसकी सच्चाई कई बार सामने लाई गई है। गर्भवती महिलाएँ सेक्स चाहती हैं। वास्तव मे, गर्भावस्था के दौरान उनकी सेक्स करने की चाहत बढ़ जाती है और उनकी जरूरतें सिर्फ आप पूरी कर सकते हैं, अतः अपने यौन संबंध को जारी रखें। उन्हें यह एहसास दिलाए की आप उन्हे चाहते हैं और वो काफी आकर्षक है।

4. उत्साहवर्धक बनें

आपकी पत्नी को प्रेरित महसूस कराना महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था का यह दौर काफी कठिन होता है और उन्हे उत्साहवर्धन की आवश्यकता हो सकती है। उनसे बातें करें, उन्हे यह बताएँ कि वो आपको कितना खुश रखती है और वो कितनी अच्छी माँ बनने वाली है। ऐसी बातचीत उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है।

5. योजना कौशल बने

जब एक महिला गर्भवती होती है तब उसके मन मे कई सारी आशंकाएँ होती हैं। एक पार्टनर होने के नाते यह आवश्यक है कि आप उनके पास रहें और इनसे बाहर आने मे उनकी सहायता करें। कुछ चीज़े जिनमे आप उनकी मदद कर सकते है- नियमित जाँच के लिए गायनोकलोजिसट के पास ले जाना, जाँच कराना, हर चरण मे उनके साथ रहना, कपड़े खरीदना, आने वाले बच्चे का नाम सोचना, जन्म की तैयारी करना इत्यादि।

6. सहायक बने

और अंततः, जब वो लेबर मे हो तब उन्हे सर्वाधिक समर्थन दें। इस चरण मे वो पूरी तरह थक चुकी होती है अतः बेहतर है कि आप उनका कहा मानें। बच्चे को जन्म देते वक्त आपका पास होना उन्हे पसंद आ सकता है या नही भी, हो सकता है वो संगीत सुनना चाहे या फिर कुछ और जो इसमे उनकी मदद करे, यह सुनिश्चित करे कि उनकी ख्वाहिश पूरी हो। पति ही ऐसा सहारा है जिसकी आवश्यकता पत्नी को हर वक्त होती है, खासकर गर्भावस्था के दौरान। वो एक संपूर्ण जीवन को अपने अंदर रखती है, ऐसे वक्त मे यह आवश्यक है कि आप उनके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताए और उनकी मदद करें।

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