c-section-ke-baare-mein-4-cheezein-jispar-aapko-vishwaas-nahi-karna-chahiye

जब आप सी-सैक्शन की प्रक्रिया के बारे में सोचते हैं, तो आपके दिमाग में ‘अप्राकृतिक’, ‘डरावना’ या ‘हानिकारक’ जैसे शब्द आतें हैं। कुछ ऐसे विनाशकारी मिथक होते हैं जिन पर हम आखें बंद करके विश्वास करते लेते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ मिथकों को तोड़ने वाले हैं।

1. स्तनपान करवाना एक मुश्किल कार्य है:

अपने बच्चे को खिलाने की पद्धति को चुनना हमेशा एक निजी पसंद है, लेकिन जब स्तनपान कराने की बात आती है, तब कोई विशिष्ट समस्या नहीं होती है, चाहे आपका सी-सेक्शन हुआ हो या नॉरमल डिलवरी हुई हो।यह सच है कि जिन माताओं का सी-सैक्शन होता है, उन्हें स्तनपान की प्रक्रिया शुरू करने में कठिन लगता है, लेकिन ऐसा करना आपके लिए असंभव बिल्कुल नहीं है! किसी भी प्रकार के प्रसव में, तीन से चौबीस माह के बीच, यह देखा जाता है कि स्तनपान की दर एक समान रहती है जो किसी प्रकार के जन्म के प्रभाव से नहीं बदलती है। सी-सैक्शन की वजह से कुछ माताओं को सर्जिकल दर्द हो सकता है। इसके कारण, आपको अपने बच्चे को अलग तरह से पकड़ने की आवश्यकता हो सकती है या अपने बच्चे को ख़िलाने के लिए सही मुद्रा जानने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

2. सी-सेक्शन के बाद नॉरमल डिलवरी असंभव है:

कुछ लोगों का मानना है कि एक बार सी-सेक्शन किया जाता है, नॉरमल डिलवरी होने की कोई संभावना नहीं होती है। सी-सैक्शन के माध्यम से जाने वाली कोई भी माँ को बाद में नॉरमल डिलवरी में सक्षम होने का एक बहुत बड़ा मौका है। लगभग 60% से 80% महिलाओं ने परीक्षा लेकर जांच की है कि क्या उनकी नॉरमल डिलवरी हो सकती हैं,और वे उसमे सफल रहे हैं। सीज़ेरियन के बाद परीक्षण या श्रम एक तरीका है जिससे आप जान सकतें है कि आप सी-सेक्शन के बाद भी नॉरमल डिलवरी से देनें के योग्य हैं या नहीं?

3.एक नॉरमल डिलवरी और सी-सैक्शन से ठीक होने का समय एक समान है:

हालांकि ऐसा प्रतीत हो सकता है कि किसी भी तरह के प्रसव से ठीक होने का समय शायद एक समान है, यह सोच बिलकुल गलत है। अधिकांश नॉरमल डिलवरीों से ठीक होने में एक से दो दिन तक अस्पताल में रहने के साथ-साथ प्रसव के पूर्ण होने के बाद एक से दो सफ्ताह लगते हैं। सी-सेक्शन को ठीक होने में तीन से चार सप्ताह की आवश्यकता होती है, जिसके साथ आपको अस्पताल में चार से पांच दिन बिताने पड़ेंगे। एक सी-सैक्शन की आवश्यकता यह भी होती है कि आप कुछ भारी कार्य न करें, जैसे ज़ोरदार व्यायाम करना, सेक्स करना, भारी वस्तुओं को उठाना, आदि।

4.एक इलैक्टिव सी-सेक्शन नॉरमल डिलवरी से कम परेशानी देती है :

सी-सेक्शन आमतौर पर उच्च जोखिम स्थितियों या प्रसव में जटिलताएं होने के कारण की जाती हैं। अधिकांश डॉक्टर हमेशा एक नॉरमल डिलवरी को पसंद करते हैं और उसका सुझाव देते हैं, लेकिन केवल आवश्यक होने पर ही सी-सैक्शन करने के लिए बोलते हैं। प्रसव के तारीख को तय करना एक बढ़िया विचार है, लेकिन एक वैकल्पिक सी-सेक्शन एक बड़ी सर्जरी होती है जिससे आप नॉरमल डिलवरी चुनकर बच सकती हैं।इस प्रक्रिया में, किसी भी अन्य पेट के सर्जरी की तरह, हमेशा अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण आदि का खतरा होता है, जिससे आप आसानी से बच सकतीं हैं। आप सोच रहे होंगे की एक वैकल्पिक सी-सेक्शन के मुकाबले एक नॉरमल डिलवरी परेशानियों से भरी है, लेकिन जोखिमों को ध्यान में रखते हुए, यह आपकी मदद ही करेगा।

Leave a Reply

%d bloggers like this: