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गर्भावस्था के पूरे दौर में महिलाएँ अनेक परिवर्तनों से होकर गुज़रती हैं | शरीर में कई सारे परिवर्तन आ सकते है , हमारे बाहरी दिखावट में , रिश्तों में , रवैयों में , दैनिक व्यवहार में , नज़रियों में , हर छोटी सी छोटी चीज़ में हम बदलाव देख सकते है | ये बदलाव हमारे जीवन के हर पहलू पर असर डालता है , हमारे विचारों को प्रभावित भी करता है | गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस आम बात है और काफी हद तक हमारे पारस्परिक सम्बन्धों पर भी असर डालता है |

इन बड़े बदलावों में एक चीज़ जो मुख्यतः ध्यान देने योग्य होते  है, वो है हमारे बालों के परिवर्तन | आप देख सकते है कि आपके बाल या तो अधिक बढ़ रहे है या काफी सारे गिर रहे है | आपने कभी ये जानने की कोशिश की हैं कि बालों के अधिक बढ़ने या झड़ने के क्या कारण हो सकते हैं|  

आइए अब थोड़ी चर्चा  जीव-विज्ञान पर कर लेते है | हमारे बाल कुछ इस तरह से काम करते है – हमारे बालों के तीन चरण होते है | इन्हें एनेजेन चरण, कैटाजन चरण एवं टेलोजेन चरण नामों से जाना जाता है | एनेजेन चरण में ही बाल विकसित होने लगते है | इस चरण में हेयर फोलिकल्स में निरंतर विभाजन होते रहते है  और ये लगभग ० . ३ मिली मीटर के हिसाब से बढ़ते है | इस चरण में हमारे बाल लगभग  २ से ६ साल तक ऐसे ही बने रहेंगे | टेलोजेन और  एनेजेन चरणों के बीच   कैटाजन  संक्रमण का दौर होता है | टेलोजेन को आराम का चरण और एनेजेन को वृद्धि का चरण कहा जाता है | लगभग ३ प्रतिशत हमारे केश राशि  इसी  कैटाजन  चरण में विकसित होती है और इसीलिए बाल बढ़ने कम हो जाते है | अंत में , टेलोजेन जिसे आराम चरण कहते है , उसमें लगभग ५ से १० प्रतिशत केश राशि मौजूद रहती है | इसी चरण में ज़्यादा से ज़्यादा बाल गिरने लगते है | अगर हिसाब लगाए , तो पायेंगे कि प्रतिदिन लगभग २५ से १०० बाल इसी प्रकार गिर जाते है | ये क्रम निरंतर सौ दिनों तक ऐसे ही चलता रहता है |

अगर गर्भावस्था के समय पर थोड़ा प्रकाश डाले तो उस दौर में आप घने और चमकदार बाल के साथ दिखेंगी | अचानक आपको ये एहसास होगा कि आपके बाल एकदम मोटे और घने लगने लगे है और यह बिलकुल सच भी है | इस दौर में आपके शरीर में हॉरमोन का उत्पादन बहुत तेज़ी से होता है और इसी का नतीजा होता है कि बाल भी अधिक मात्रा में बढ़ने लगते है | आपके शरीर में ऐसा होने लगता है जैसे प्रोजेस्टरोन और एस्ट्रोजन हार्मोनों की बाढ़ सी आ गयी हो | आपके जो भी बाल संक्रमण के दौर से गुज़र रहे है, उन्हें एस्ट्रोजन हॉरमोन गिरने से बचा लेता है यानी कि वो बाल कैटाजन चरण मे ही बस जाते है और टेलोजेन चरण में कदम ही नहीं रखते | इसीलिए गर्भावस्था में बाल कम झड़ते है और ज़्यादा घने भी लगते है |

तो इसमें छिपी हुई  गुप्त बात आखिर क्या है ? जिस तरह जीवन के कई अन्य कारकों में संतुलन महत्वपूर्ण है , उसी तरह बालों की देखभाल में भी संतुलन लाना अति आवश्यक है | अब शिशु को जन्म देने के ५ महीने बाद माँ के केश राशी को लेकर चर्चा आगे बढ़ाएंगे | गर्भावस्था के उस समय में आपके जो भी बाल कैटाजन चरण में बस गए थे, वे सब आगे बढ़कर टेलोजेन चरण में पहुँच जाएंगे | इसका नतीजा ये होगा कि आपको अधिक बाल गिरने  जैसा अनुभव होगा | ये सच भी है क्योंकि आपके बाल पहले की तरह ज़्यादा ही लगेंगे, पर असल में इतने घने न होंगे | गर्भावस्था पूर्व आपके बाल जितने घने हुआ करते थे, अब भी बिलकुल उतने  ही घने नज़र आएँगे |  इसीलिए गर्भावस्था के समय में और शिशु के जन्म के बाद के कुछ महीनों तक आपको ऐसा लगने लगेगा कि शायद आपके बाल बढ़ ही न रहे हो | ये दौर बिलकुल अस्थाई है और आपके बाल बढ़ने और गिरने के सहज चक्र शीघ्र ही वापस लौट आएँगे |

बाल के गिरने को आप अपने आहार में संतुलित पोषण लाकर भी काफी हद तक ठीक कर सकती हैं | इसके लिए आपको विटमिन और खनिज पदार्थों के आहार को ठीक मात्रा में सेवन करना चाहिए | बाल झड़नेवाली प्रक्रियाओं से दूर रहकर उनकी अच्छी तरह देखभाल करें | ब्रैंडिंग , अधिक हवा से बाल सुखाना , बाल इस्त्री का प्रयोग करना , टावल से बाल को कसके लपेटना और गलत तरीकों से सुखाना – इन सब को छोड़ अगर आप सही तरीकों को आज़माए तो आपके बाल हमेशा स्वस्थ और घने रहेंगे |

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