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बच्चे अच्छी आदतों की तुलना में बुरी आदतों तेजी से सीखते हैं। बुरी आदतों के फायदे अच्छी आदतों की तुलना में ज्यादा होतें है, और तब आपके बच्चे को उसे चुनना स्वाभाविक होता है | माता-पिता होने के नाते ये आपका कर्त्तव्य है कि उन्हें उन बुराइयों को आदत बनाने से पहले रोक लिया जाये | एक भावुक विषय के ऊपर गलत तरीके से बात करने पर आपके बच्चे गुमराह हो सकते हैं।

जितनी जल्दी आप ईमानदारी के महत्व को उनमें विकसित करती हैं, उतना ही बेहतर होगा। ईमानदारी पर बच्चों की किताबें पढायें और अपने बच्चे को ईमानदार होने का महत्त्व बताएं | ये कहानियां एक छोटी उम्र से आपके बच्चे में अच्छाई लाएगी। इससे पहले कि झूट बोलना आपके बच्चे की आदत बन जाए उसकी मदद करें |

ये कुछ तरीके हैं जिसकी मदद आप ले सकती हैं।

1. आपका बच्चा जब भी सच बोले तो उन्हें इनाम दें। पुरस्कार या प्रशंसा आपके बच्चे को सही रास्ते पर लाने के लिए सबसे अच्छा साधन है। अपने बच्चे को उनकी कोई मनपसंद चीज़ इनाम के तौर पर दें, यह आपको आपके बच्चे के झूट बोलने की परेशानी से बचाएगा |

2. अपने बच्चे से विनम्र तरीके से बात करें। अपने बच्चे से सच्चाई सुनने के लिए अच्छा तरीक अपनाएं | इससे उन्हें यह एहसास होगा कि झूट की तुलना में सच बोलना ज़्यादा आसान है, इस प्रकार उन्हें सच बोलना पसंद आएगा।

3. आपको यह ध्यान रखने की ज़रूरत है कि आप अपने बच्चे के सामने कोई झूठ बोलने की गलती ना करें, क्योंकि इससे उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित होंगें । एक बार जब आपने अपने बच्चे के दिमाग में डाल दिया कि थोड़ा झूट बोलना सही है तो उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों के बारे में नहीं मालूम चलेगा जहाँ उन्हें झूट नहीं बोलना चाहिए |

4. सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे को तरह तरह के नाम से ना बुलाते हों, जैसे ‘लाएर’ या ‘धोखेबाज’ जैसे नाम से उसे बुलाएंगे, तो आप इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे बच्चा इन शब्दों को हल्के से लेने लगेगा |

5. जब आपका बच्चा आपके मुँह पर झूट बोलता है तो उसपर गुस्सा आना आम बात है। ऐसा करने से बचें, क्योंकि इससे केवल बात और बिगड़ेगी | किसी भी समय अपने बच्चे को सही और गलत के अंतर सिखाने के लिए उसपर हाथ ना उठाए | इसके बजाय, एक शांत और सरल तरीके से स्थिति को संभाले |

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