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इस बात को जानकर कि दुनिया की सारी महिलाएं अपने शरीर के आकार को लेकर बहुत चिंतित हैं, यही दिखाता है कि किस बुरी दिशा में हमारा समाज जा रहा है| बड़े होते समय, हमे सिखाया जाता है कि सिर्फ एक शरीर का आकार ही अच्छा है और बाकी कुछ मायने नहीं रखता | यह शर्म की बात है|

किसी भी इंसान के व्यक्तित्व को वज़न के हिसाब से निर्धारित करना बहुत बुरी बात है| सचाई तो यह है कि यह पहले से निर्धारित मापदंड होते हैं, जिनमे कृत्रिम सौंदर्य प्रसाधनों और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादों की परतें इसे छिपाती हैं|

वजन, लिंग, ऊँचाई या रंग के बावजूद, मानव पर आक्षेप करने वाली श्रेणियां अपने शिखर पर हैं|

हमें बहुत फर्क पड़ता है कि लोग क्या सोचेंगे| हमारे युवा सालों में, हमने इस पर ज़्यादा ध्यान दिया है कि हमसे खुश रहें इस पर नहीं कि वो हमारी विशेषताओं को समझें |

हमारी गलती यह है कि हम उन अवास्तविक मापदंडों को अपनाना चाहते हैं, चाहे वो किसी ने भी बनाये हों, जैसे मशहूर हस्तियों, दोस्त और यहाँ तक परिवार भी| हमारी गलती इसमें है कि हम हर तरह की सुंदरता और उसकी गलतियां और अच्छी बातों को सराहतें नहीं हैं|

आपके वज़न के डर के पीछे सिर्फ सेहत का कारण होना चाहिए और ना कि किसी और की राय| कुछ असवेंदनशील लोगो के वजह से क्यों अपने वज़न की चिंता करें, जबकि कई सारे लोग हैं जो आपको आपकी तरह ही स्वीकार करने के लिए तैयार हैं|

नीचे दिए गए हैं कुछ बातें जो है जो लोगो से सुनी गयी है :

1. “सिर्फ माँ हैं जिन्होंने मुझे मेरे शरीर पर नहीं टोका है|

2. “आदमियों को भी अपने वज़न पर टोका जाता है, भले ही महिलाओं जितना नहीं|”

3. “मेरे पास फूले हुए होंठ नहीं है, साफ़ त्वचा. और सुडौल शरीर नहीं है जो हर महिला के पास होती है| मैं अपने आप को नापसंद करती हूँ| मुझे नहीं लगता है कि मैं खूबसूरत हूँ और मैं कभी अपनेआप से प्यार नहीं कर पाऊंगी|”

4. “जैसे-जैसे मौसम अच्छा होता जाता है, मैं और दुखी हो जाती हूँ यह सोचकर कि मैं छोटे कपडे या खुले कपडे नहीं पहन पाऊंगी क्योंकि मेरे शरीर पर घाव और चोटें लगी हैं|

किसी को उसके शरीर को लेकर नीचा दिखाना अच्छा नहीं है, भले ही उनका आकार कैसा भी हो | सेहत के कारण कुछ लोग अपनेआप को नहीं बदल पाते हैं और उनकी इसमें कोई गलती नहीं है|”

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