-बेबी-लेड-वीनिंग-यह-क्या-है

बेबी लेड वीनिंग वो तरीका है जिसमे स्तन दूध या फार्मूला दूध में अन्य खाद्य पदार्थ को जोड़ा जाता है | यह मौखिक गतिविधि और हड्डियों के ढांचे के विकास में सहायता करता है और मदद करता है। यह एक ऐसी विधि  है जहां बच्चों को दूध के अलावा अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए भी तैयार  किया जाता है। हालांकि, ध्यान रखें कि वीनिंग का मतलब यह नहीं है कि आप बच्चे को दूध देना बंद  कर दें | इसका मतलब है कि आप सब्जियां जैसे गाजर, आलू, मटर और इसी तरह के खाद्य पदार्थों को अपने बच्चे के आहार में डालें और यह एक ऐसा तरीका है जहां आप उन्हें खाने के लिए हलके खाने देती हैं और उन्हें चम्मच से  खिलाने के बजाये खुद  से खाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

चलिए अब बच्चे को वीनिंग करने का  कारण और उसके फायदे बताते हैं :

1. माता-पिता के लिए बच्चे का भोजन भोजन बनाना आसान हो जाता है, जो कि आप अपने लिए भी तैयार करती हैं,वही आप बच्चो को भी खिला सकतीं है | प्युरींस बनाने में बहुत समय लगता है |

2. बच्चे तय करते है कि वे कितना और क्या खाना चाहते हैं। यह आपके डर को हटाता है कि आपका बच्चा पुरा खाना खायेगा या समाप्त नहीं कर पायेगा |

3. यह आपका बहुत समय बचाता है क्योंकि माता-पिता को बच्चों को खिलाने के लिए अधिक समय बिताना पड़ता है, जब वे खाना नहीं चाहते।

4.यह स्वस्थ भोजन की आदतों को विकसित करता है |

5. शिशु भोजन को अच्छी तरह से संभालना सीखते हैं |

6. साथ खाना खाने से बच्चों को अपने माता-पिता से सीखने में मदद मिलती है। बच्चे बहुत जल्द नक़ल उतारते हैं और साथ में खाना उनपर अच्छा प्रभाव डालता है   |

बच्चे को ज़्यादा  लगता समय नहीं लगता इसे सीखने में , आपको बस चाहिए कि  अपने बच्चे को सुरक्षित जगह पर बैठाएं और उसे खाना खिलाएं | एक उच्च कुर्सी निश्चित रूप से बच्चे के लिए सुरक्षित है, लेकिन आपकी गोद भी इसके लिए  अच्छी  जग़ह  है। उन्हें सही से पकडे जाने वाले खाने दें जैसे कि अवोकाडो, केला, गाजर, कद्दू और अंडे की जर्दी दें, जो उनके लिए निगलने और पचाने में आसान लगे |

अंत में, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि:

1. इस प्रक्रिया से शिशुओं को खाने-पीने के लिए परिवार में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है |

2. वे खुद खाना खा लेते हैं |

3. वे खुद चुनते हैं कि उन्हें क्या, कब और कैसे खाना है |

4. उन्हें बिना किसी दबाव के नए स्वाद और खाने को चखने की आजादी दी जाती है।

5. वे कभी भी ज़बरदस्ती खाना नहीं खाते हैं |  

6. आप उन्हें दूध पिलाना बंद नहीं करती और इसके साथ उनके सामने नए खाद्य पदार्थों को पेश करती हैं।

आप इसे अपना कर देखें  और  और आप इसे उपयोगी पायेंगी |

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