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अक्सर स्तनपान को ही ढीले वक्षस्थलों का एक मात्र कारण माना जाता है​,लेकिन  वास्तविकता यह है कि केवल स्तनपान इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं, स्तनों के ढीला होने के कई प्राकृतिक व अन्य दूसरे कारक भी जिम्मेदार होते है।

आइए जानते हैं वह कारक जो स्तनों के ढीलेपन का कारण होते हैं–

   1. आप कितनी बार गर्भधारण करती है

आप जितनी बार मां बनेंगी उतना ही स्तनों पर खिंचाव बढ़ता है जिससे उनमें ढीलापन आ जाता है।

2. गर्भावस्था से पूर्व स्तनों का आकार

छोटे व नीचे से गोल स्तन बड़े स्तनों के  अपेक्षा अपना आकार बेहतर बनाएँ रखते हैं,क्योंकि उनमें अधिक खिंचाव नहीं पड़ता जिस कारण वह ढीले नहीं पड़ते।

 
3. आप कितना वजन बढ़ाती है

यह सबसे अहम कारण है जिसकी वजह से स्तनों का ढीलापन व नई माताओं को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है| यदि आपका गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक वजन बढ़ता है तो इससे  स्तनों पर अधिक खिंचाव पड़ेगा जिससे स्तन ढीले होते हैं।

4. धूम्रपान

आपने शायद पहली बार सुना हो,लेकिन यह सच है कि धूम्रपान के कारण त्वचा अपनी प्राकृतिक लोच खो देती है​,इसलिए धूम्रपान करने वाली स्त्रियों के स्तनों के ढीला पड़ने की संभावना अधिक होती है|

5. अनुवांशिक कारण

यह सच है कि अनुवांशिक कारण अर्थात (genes) का भी स्तनों के आकार पर विशेष प्रभाव पड़ता है।

6. आपकी उम्र

गर्भावस्था व स्तनपान जैसे कारणों को हटा दें, तो उम्र  बढ़ने के साथ स्तनों का ढीलापन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है क्योंकि यह उम्र बढ़ने का हिस्सा है।

स्तनों के शिथिल पड़ने के कई कारण है लेकिन इन्हें आप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती हैं। इसलिए हम आपके बताने जा रहे हैं कुछ खास उपाय जिनकी सहायता से आप इस प्रक्रिया में विलंब अवश्य ला सकती हैं–

1. सपोर्टीव ब्रा पहनें

 स्तनों के लिगामेंट्स जिन्हें कूपर लिगामेंट्स कहा जाता है,वह स्तनों को उठाए व थामें रखता है​, समय के साथ गुरुत्वाकर्षण के कारण यह लिगामेंट्स नीचे की ओर खींचने लगते है व ढीलेपन का कारण बनते हैं। इससे बचने के लिए आप सपोर्टीव ब्रा का प्रयोग कर सकती है।अपनी गर्भावस्था के दौरान व प्रसव के बाद आप पूरे दिन इसे पहने रख सकती है।

2. वजन अधिक ना बढ़ाए

जितना अधिक वजन आपका गर्भावस्था व स्तनपान के दौरान बढ़ेगा उतना अधिक स्तनों पर खिंचाव बढेगा | इसलिए नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं व भोजन में ऐसे आहार को सम्मिलित करें जिससे वजन नियंत्रित रहे।

 
3. सुरक्षित माश्चुराजर का इस्तेमाल करें

स्वस्थ त्वचा जरूरी है,खासकर तब जब बात आपके स्तनों पर आती हैं। इसलिए ऐसे उत्पादों का प्रयोग करें जो स्तनपान कराने वाली स्त्रियों के लिए सुरक्षित हों।

4. गर्भावस्था के दौरान बढ़े वजन को कम करने का प्रयास करें

जब आप जल्दी वजन घटाती है तो इससे आपकी त्वचा को सिकुड़ने का मौका मिलता है, परंतु इस बात का ध्यान रखें कि लगातार परंतु धीरे-धीरे वजन कम करें। यह सबसे स्वस्थ व बेहतर तरीका है।

5. धूम्रपान ना करें​ 

धूम्रपान करने से त्वचा का लचीलापन कम होता है व त्वचा लटकती है​, ऐसे में अच्छे माशचुराईसर भी इसे ठीक नहीं कर सकते है।

यदि आप अपने स्तनों के आकार को लेकर नाखुश है तो इसके लिए ब्रेस्ट ( breast augmentation),व (breast lift) जैसी दो प्रक्रियाओं द्वारा आप स्तनों का उचित आकार पा सकती है​ ,लेकिन यदि आप दूसरा बच्चा चाहती है, तो यह सर्जरी स्तनपान को प्रभावित करती है​। इसलिए स्तनों के आकार को  प्राकृतिक तरीकों से ही ठीक करने का प्रयास करें।

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