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सालों से शिशुओं के सर व शरीर की मालिश की सलाह दी जाती है। यह प्यार जताने का भी एक तरीका होता है। इससे शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है। मालिश किसी भी उम्र के लिए लाभदायक होती है पर शिशु पर इसका विशेष असर पड़ता है। चलिए मालिश के फायदे आप इस पोस्ट में पढ़िए।

1. रिश्ता बनाती है!

 

 

मालिश करने से करने व करवाने वाले के बीच एक अंदरूनी अनदेखा आकर्षण पैदा होता है। शिशु अपनी माँ के स्पर्श से उसे पहचानता है। वह उसके आरामदाय स्पर्श की कामना करता है।

2. वज़न बढ़ाने में कारगर

 

 

प्रेमैचोर बच्चों को कम वज़न की शिकायत होती है। उनका वज़न बढ़ाने के लिए पोषण के साथ साथ मालिश भी मदद करती है। तो नियमित रूप से शिशु की मालिश करें। उसे प्यार से सहलाएं। ज़्यादा ज़ोर न लगाएं। हलके हाथों से उसे पुचकारते हुए मालिश करें।

3. सुकून देती है

 

 

शिशु मालिश लेते वक्त आराम का अनुभव करते हैं। उन्हें उनकी माँ द्वारा दी गई मालिश में सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। यह उनके चेहरे की मुस्कान से पता चल जाता है। आप यूँ ही शिशु को चुप कराने के लिए उन्हें हलके गुनगुने तेल से मालिश करें।

4. रक्त संचार सक्रीय करती है

 

 

मालिश से शिशु के शरीर के सभी अंगों में रक्त संचार बढ़ता है। इसके साथ ही जिन हिस्सों में रक्त आम तौर पर नहीं पहुँच पाता जैसे की पैरों की उँगलियाँ, वहाँ भी रक्त संचार सुचारित हो जाता है। इससे रक्त रुकता नहीं बल्कि बराबर संचारित होता रहता है।

5. मन-मस्तिष्क का विकास

 

 

सर की मालिश से दिमागी विकास में भी मदद मिलती है। शिशु चीज़ों को जल्दी पहचानने, बोलने, देखने व समझने लगता है। इसका कारण है ऑक्सीजन से भरा शुद्ध रक्त का मस्तिष्क तक पहुंचना।

6. तनाव से दूर रखना

 

 

शिशु को आप उदास देखती हैं तो उठाइये उसे अपनी गोद में और दे दीजिये उसे अपने हाथों से कोमल मालिश। शिशु आपके स्नेह के स्पर्ष से खिल उठेगा।

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