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 जहां प्यार होता है, वहां तकरार तो होती ही है। यह भी कहा जाता है की हम सबसे ज्यादा उससे लड़ते हैं, जिससे हम सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। हम उस इंसान से शादी करते हैं जिससे हम प्यार करते हैं और इसलिए हमें पूरा अधिकार होता है उनसे लड़ने का, गुस्सा करने का, उनसे माफी मांगने का और उन्हें मनाने का। शादी निभाना आसान नहीं है खासतौर पर तब, जब आपकी जिंदगी में बच्चा भी शामिल हो जाता है।

शुरुआत में अधिकतर दंपति बहुत खुश होती है। जब उनकी जिंदगी में एक नया सदस्य आता है। लेकिन कुछ समय बाद यही आनंद कड़वाहट में बदल जाता है और दंपति के बीच विवाद का कारण बनता है।

यह है कुछ तरीके जिनके द्वारा आप अपनी शादी में टकराहट की स्थिति को कम कर सकते हैं।

1. अपनी ग़लतियाँ स्वीकारें

लड़ाई किसी एक बात पर शुरू होती है लेकिन खत्म किसी और बात पर ही होती है। वाद-विवाद बढ़ता चला जाता है और बुरे अनुभव बनते हैं। दंपत्ति अक्सर अपना आपा खो देती है और पहले तो वह यही भूल जाते हैं की वह किस बात को लेकर लड़ रहे थे। ऐसी स्थिति में सही यही होगा की जिम्मेदार व्यक्ति अपनी ग़लतियाँ माने बजाएं एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाने के।

2. ध्यान से सुनिए

कई बार ऐसा भी होता है की कोई भी पूरे वाद-विवाद में दोषी नहीं होता है।कई बार ग़लतियाँ हो जाती है और लोगों को भटका देती है। इससे बचने के लिए यह जरूरी है की आप अपने साथी की पूरी बात बिना किसी पक्षपात के सुने। किसी तीसरे पक्ष की तरहां पेश आएं और समस्या का मूल्यांकन करें।

3. समय लिजिए

किसी भी दंपति को इतना परिपक्व होना चाहिए कि वह शांति से बातचीत करके चीजों को संभाल सकें। लेकिन अक्सर यह होता है की वाद-विवाद बढ़ता है और बात चीखने चिल्लाने पर आ जाती है। जब स्थिति इतनी खराब हो जाती है तो आपको उसी समय रुक जाना चाहिए। एक छोटा सा अवकाश लें। चाय पीने के लिए, फिल्म देखने के लिए या फिर कुछ देर उस मुद्दे पर बात करने से बचे। एक बार जब आप दोनों का दिमाग ठंडा हो जाए,तब आप दोनों ज्यादा समझदारी से समस्याओं को हल कर सकते हैं।

4. “मैं” का इस्तेमाल करें

अगर विवाद किसी मत को लेकर हो रहा हो, तो खुद अपना विकल्प चुनिए। तुम की अपेक्षा मैं का इतिहास करिए जैसे “मैं चाहती हूं की तुम बच्चे का ध्यान रखो क्योंकि मैं थकी हुई हूं” यह सुनने में इससे बेहतर लगता है की “मै चाहती हूं की तुम बच्चे का ध्यान रखो क्योंकि तुम यह काम कभी नहीं करते हो”।

5. टच थैरेपी

शारीरिक स्पर्श शरीर में हार्मोन को बढ़ाने का सबसे बेहतर तरीका है। क्या पता सिर्फ आपका स्पर्श आपके साथी के गुस्से को शांत कर दे। एक-दूसरे का हाथ पकड़ना और एक दूसरे के करीब बैठकर समस्याओं को हल करने से शरीर में ओक्सीटोन बढ़ता है। जो एक दंपति के लिए संबंध बनाने के हार्मोन के रूप में काम करता है। यह शारीरिक प्रेम को बढ़ाता है और इससे संबंध बनने की भी संभावना बढ़ती है।

6. अपनी शादी को प्राथमिकता दें

वाद-विवाद होना हमारी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है। हम अपने दोस्तों से लड़ते हैं, हमारे परिवार के सदस्यों से लड़ते हैं और अपने पति या पत्नी से भी लड़ते हैं। यह एक सामान्य मनुष्य प्रवृत्ति है और इसपर किसी तर्कसंगत कारण पर ही ध्यान दिया जाना चाहिए। इन सब के बीच में आपको ध्यान रखना चाहिए की आप एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं और कैसे आपका विवाह, आपके रिश्ते का मूल है। आपको यह ध्यान रखना होगा की कुछ रिश्ते आपकी जीत या हार से ज्यादा मायने रखते हैं। यह सब बातें आप दोनों के विवाद के नकारात्मक पहलुओं को खत्म करने में मदद करेगी। आखिरकार प्यार हर चीज़ से ऊपर होता है।

 

 

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