बच्चों-में-तनाव-को-समझना-और-उससे-निपटना-5-7-वर्ष-xyz

एक उदास चेहरा जो मुस्कुराहट के पीछे छुपा होता है हर किसी को नहीं दीखता और कभी कभी तो माता-पिता भी इस चेहरे से अनजान रहते हैं| माता-पिता के लिए अपने बच्चे की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक को अच्छी तरह से जानना और समझना महत्वपूर्ण है| ऐसा मामला भी हो सकता है की आपके बच्चे के साथ कोई घटना घटी हो या अब भी वो उस प्रस्तिति से गुज़र रहा है जो उसे बेहद परेशान कर सकता है|

तनाव एक अजीब तरह की उदासी है जो इनसान को लम्बे समय तक उदास रहने पर मजबूर कर देता है| वास्तविक में तनाव को लोग उदासी समझ बैठते हैं लेकिन आपको ये पता होना चाहिए की तनाव एक ऐसी घडी है जो लोगों को 3 महीने से अधिक उदास रहने पर मजबूर कर देती है, ये उससे ज़ादा समय तक भी रह सकती है और इस कारण ये बच्चों के लिए बहुत हानिकारक है|


आपको मालूम है की आपका बच्चा तनाव से गुज़र रहा है जब आपको ये कारक दीखते हों:

1. नींद और भूख में कमी|

2. निराशा और उदासी की ना ख़तम होने वाली भावनाएं|

3. किसी भी काम में ध्यान ना दे पाना|

4. खुद को अपराधी समझना|

5. समाज से दूर रहना|

इस स्तर पर अपने बच्चे से निपटना एक चुनौती हो सकती है| उनसे निपटते समय आपको धीरज रखने की आवश्यकता है|

यहां कुछ तरीके हैं जिससे आप अपने बच्चे से बात करने की कोशिश कर सकते है|


1. बच्चे उसे छिपाएंगे और अपनी भावनाओं को नज़रअंदाज़ करेंगे| उन्हें ये एहसास ही नहीं होगा की वो तनाव से गुज़र रहे हैं| इस समय उन्हें आपके सहारे और मार्गदर्शन की आवशयकता है| यहां तक ​​कि अगर वे आप से दूर भाग रहे हैं तो आप उन्हें दिखाएं कि आपको उनकी कितनी जरूरत है और उन्हें एहसास दिलाएं की उनकी मौजूदगी आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है|


2. सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पर्याप्त भोजन खाता है| ध्यान रखें की उन्हें वो सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल रहा है जिनकी उन्हें ज़रूरत है और वे कभी अपना भोजन नहीं छोड़ते| भूख किसी को भी चिड़चिड़ा और परेशान कर सकती है और यह स्तिथि उन्हें तनाव के और करीब ले जाएगी| अच्छी तरह से भोजन करने से उन्हें खेल कूद करने की शक्ति मिलेगी जिससे वो बेहतर सो पाएंगे|


3. अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताएं और उनकी पसंदीदा चीज़ करने में उनका साथ दें| वो चीज़ कुछ भी हो सकती है जो आप दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो| आप एक साथ मजेदार चीज़ें कर सकती हैं जैसे गेम खेलना, कुछ क्राफ्टवर्क करना, खाना बनाना, कहानी की किताबें पढ़ने, खरीदारी करना या केक बनाना|

इन चीजों को करने से आपके बच्चे में सकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, धीरे-धीरे ये चीज़ें उन्हें ख़ुशी देंगी| उन्हें सकारात्मकता से घेर कर रखना बहुत ज़रूरी है|


4. तनाव और मिजाज के बदलने के बारे में बात करें| अपने बच्चे को समझने के लिए आपको धैर्य रखना होगा| हर चीज़ों या बातों को लेकर उनकी भावनाओं के बारे में जानें या स्कूल में होने वाली समस्याओं के बारे में बात करें| जब भी हो सके अपने बच्चे से बात करें बिना उन्हें असहज किये| उन्हें ये बात पता होनी चाहिए के वो आपसे किसी भी बारे में बिना हिचकिचाए बात कर सकते हैं|


5. एक मनोचिकित्सक से मिलें अगर 3 महीने बाद भी आपके बच्चे में सुधार के लक्षण नहीं दीखते|

तनाव वास्तविक है, और माता-पिता होने के नाते आपको यह जानना ज़रूरी है कि तनाव कैसे आपके बच्चे के जीवन को प्रभावित कर सकता है| आखिरकार, हर माता पिता के लिए, उनके बच्चे की खुशी उनकी खुशी के समान होती है|

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