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अपने बच्चों के नाम सोचने के 10 सुझाव

१. पहले भाग माँ का और दूसरा पिता का या पहला पिता और दूसरा माँ का

इस प्रकार का नामकरण बहुत ही चलन में है और प्रसिद्द भी। आखिर वह शिशु आपकी ही तो देन है।

जैसे की यदि आपका नाम काया है और आपके पति का नाम राहुल तो कायरा नाम बेस्ट है।

1. आप अपने बच्चे का नाम अपने ज़िन्दगी की कुछ खूबसूरत पल के ऊपर रख सकते हैं

जैसे की मान लीजिये आपने प्रेगनेंसी में कोई खूबसूरत यादें बनाई हैं, कोई जगह या कोई चीज़ को लेकर, तो उन् चीज़ो पर अपने शिशु का नाम सोचना एक अच्छा सुझाव है। जैसे की आपकी फर्स्ट डेट, या शादी के बाद की कोई खूबसूरत जगह।

जैसे – आयान, अमोघ, रोमिल(rome), अम्बालि, हृषिकेश

2. अपने परिवार वृक्ष को देखें –

क्या आप अपने परिवार वृक्ष में भरोसा करते हैं? यदि हाँ, तो क्या पता शायद आपके बच्चे के लिए परफेक्ट नाम कोई 6 पीढ़ी पहले ही छुपा हो। कहते हैं दुनिया गोल है, तो पुराना ही नया बनकर फिर आएगा यह तय है।

जैसे – पर-दादा के नाम से मिलता जुलता कोई काम। मिलन, अब्दुल, मदन, मणि

३ बेबीनेम(babyname)-app

यह ऍप को अपने फ़ोन पर डाउनलोड करें। इस ऐप से आप अपने शिशु का नाम लें सकती हैं। ज़रूर अपने भाई-बहनों से यह शेयर करें।

4. ज्योतिष से संपर्क करें –

यदि आप ग्रहों में भरोसा करतीं हैं तो फिर देर किस बात की? फ़ोन उठाएं और अपने ज्योतिष से संपर्क करें, वह ग्रहों और आंखों के अनुसार आपको एक अच्छे नाम का सुझाव दे सकते हैं।

जैसे – राहुल, तारा, एम्बर, सोम,

५. अपने मन पसंद किरदार के ऊपर

हम सबकी ज़िन्दगी में एक पसंद और एक पेरणा ज़रूर होते हैं फिर चाहे वो टी. वी के कोई किरदार हों या हमारे कोई रिश्तेदार। कोई एक ऐसा शक्श ज़रूर होता है जिसके गुण आप अपने शिशु में चाहते हों. आप अपने शिशु के नाम को उनके नाम पर भी रख सकते हैं।

जैसे – अर्णव, नैतिक, नील, टाइगर, मिहिर, शेखर

६. चलन के ऊपर

यदि आप दुनिया से कदम मिलाकर चलने वालों में से हैं तो यह सुझाव आपके लिए ही है। आप अभी के चलन के टॉप 10 नामों में से चुन लें।

जैसे – आरव, विहान, मृदुल, शरली, शैली, समकित, आयशा, कायरा

४. नामकरण के लिए जश्न

यदि आपने अपने शिशु के लिए कुछ नाम सोच रखें हैं परन्तु आप दुविधा में हैं की कौनसा चुनें, तो आप एक डिनर या जश्न रख सकतें हैं जिसमे आप अपने दोस्तों को बुलाएं और सुझाव लें। कई बार वह और भी अच्छे नामों के साथ आ सकते हैं।

८. शिशु की हलचल को देखकर

थोड़ा धैर्य रखें और अपने शिशु के आने का इंतज़ार करें। कुछ दिनों तक बारीकी से उनकी हलचल में गौर करें और देखें की उनका व्यक्तित्व कैसा है। क्या वह बहुत चुलबुले हैं या शांत। उसके अनुसार आप उनका नाम रखें।

जैसे – समकित, बब्ली, अमन, निति, संस्कार

९. वातावरण के अनुसार

यह एक दिलचस्प तरीका है। आप अपने वातावरण के नाम में थोड़ा बदलाव करके अपने शिशु का नाम रख सकते हैं। या फिर आप उनके जन्म की जगह के वातावरण के ऊपर भी उनका नामकरण कर सकते हैं।

जैसे – सागर, सूरज, तेज

१०. इशारों पर

जी हाँ, आपने सही सूना, यहाँ इशारों की बात हो रही है. क्या आपको पता है शिशु गर्भ में कई इशारे दे सकते हैं।

आइये आपको इस महिला का उदाहरण देते हैं। इन्होनें बताया की अपने तीसरे तिमाही में यह एक शादी में सम्मिलित हुईं थीं। उस दौरान वह चिंतित रहने लगीं क्युकी उनको अपने शिशु की कोई भी हलचल महसूस नहीं हो रही थीं। डॉक्टर से पूछने पर पता चला कि उनके बहुत ज़्यादा काम करने पर शिशु थक कर सो रहा है। तो वापसी में जब उन्होंने आराम करने का फैसला किया और किताब निकली, तभी उन्हें अपने शिशु की लात का एहसास हुआ। तो उन्होंने उसी क्षण फैसला कर लिया की वह उस किताब के लेखक के ऊपर अपने शिशु का नाम रखेंगी।

यदि ऐसी कोई कहानी आपके पास भी है तो यह सुझाव ज़रूर लें।

जैसे – चेतन, हेमा, केट, शोभित, शौर्य

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