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शिशु के 6 माह पूरे होने पर आप उसे स्तनपान के साथ साथ दूध देना चालू कर सकती हैं। आप खीर, कस्टर्ड, दलिया, हलवा, या सूप में दूध डाल कर शिशु को थोड़ा सा, जैसे की, एक-दो चम्मच दूध खिला सकती हैं। अब सोचना यह है की विभिन्न प्रकार के दूध में से सर्वश्रेष्ठ दूध का चयन कैसे करें। इसके बारे में आपको इस पोस्ट से ज़रूरी जानकारी मिलेगी।

1. फार्मूला दूध

शिशु विशेषज्ञ स्तनपान के विकल्प में इन्फेंट फार्मूला को शिशु के लिए सर्वश्रेष्ठ मानते हैं। उनके मुताबिक उसमे शिशु के विकास के लिए सभी ज़रूरी विटामिन, मिनरल्स व अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे आप शिशु के एक साल का होने तक दे सकती हैं। शिशु का एक साल पूरा होने के बाद आप उसे अन्य खाने के साथ देना शुरू कर सकती हैं।

2. पैकेट वाला दूध

 

पैकेट दूध पाश्चुराइज़्ड होने के कारण कीटाणु रहित होता है। आपके शिशु चिकित्सक आपको शिशु के एक साल पूरा होने तक आपको बच्चे को पैकेट दूध पिलाने को कहेंगे। इसके बाद आप उन्हें गाय या भैंस का दूध दे सकती हैं।

पैकेट दूध के प्रमुख प्रकार

i. पूरा फैट या पूरा क्रीम:

आपके एक साल के शिशु को बिना मिलावट का दूध देना चाहिए। उनके दूध में अन्य किसी चीज़ की मिलावट नहीं होनी चाहिए क्योंकि उनके शारीरिक विकास के लिए अधिक कैलोरीज की ज़रूरत होती है। दो साल से कम उम्र के शिशु के पूरे भोजन में फैट्स की मात्रा लगभग आधी होनी चाहिए।

ii. सेमी टोन्ड दूध:

यह 2 साल से कम उम्र के शिशु के लिए ठीक नहीं होता। उनके 2 वर्ष होने के बाद आप उन्हें यह देना शुरू कर सकती हैं। अन्यथा आप पूरा क्रीम वाला दूध ही 5 वर्ष तक शिशु को दें।

iii. डबल टोन्ड दूध:

यह 5 साल से कम उम्र के शिशु के लिए ठीक नहीं होता क्योंकि इसमें काफी कैलोरीज़ और ज़रुरी विटामिन्स छंट जाते हैं।

3. टेट्रा पैक वाला दूध

यह दूध अन्य दूध प्रकारों से गाढ़ा होता है। इसलिए इसे शिशु को देने से पहले आप थोड़ा पानी मिला सकती हैं। इसे लेते वक्त पैकिंग डेट देखना मत भूलें। सफर के दौरान टेट्रा पैक लेना अच्छा विकल्प हैं क्योंकि इसे उबालने की ज़रूरत नहीं पड़ती और यह लम्बे समय तक खराब नहीं होता।

4. सोया मिल्क

शिशु चिकित्सक बच्चे को एक साल से पूर्व सोया मिल्क देने से मना करते हैं। अगर आपके बच्चे को लैक्टोस इनटॉलेरेंस यानि दूध पचाने में दिक्कत होती है तो आप बच्चे को सोया मिल्क दे सकती हैं। सोया मिल्क लेते समय आप उसमें मौजूद चीज़ें जांच लें।

5. गाय का दूध

इसमें खाद्य लोहे की मात्रा कम होती है। इसको आप बेबी फ़ूड के साथ मिला कर बच्चे को दे सकती हैं। शिशु का 1 साल का होने के बाद उसे गाय का दूध दें। इससे उन्हें विटामिन बी 12 , बी 2, कैल्सियम और मैग्नेशियम व ज़रूरी प्रोटीन मिलते हैं।

कुछ माँयें गौ के दूध में पानी मिला देती हैं। पर ऐसा न करें। इससे दूध की पौष्टिक गुडवत्ता कम हो जाती है। इससे पानी से फैलने वाले रोग भी हो सकते हैं अगर उसे ढंग से उबाला न जाए।

गाय का दूध पीने से शिशु के दांतों, मांसपेशियां व रक्तचाप सुनिश्चित होता है। दूध और विटामिन डी मिल कर शरीर की कोशिकाओं को कैल्सियम अच्छे से सोकने में मदद करते हैं। दूध लम्बाई बढ़ाने में तो मदद करता ही है साथ ही बच्चे का स्वास्थ्य सेहतमंद रखता है। यह बच्चे को दिन-प्रतिदिन की गतिविधि पूरी करने के लिए मदद करता है।

6. भैंस का दूध

इसमें विटामिन ए , प्रोटीन , खाद्य लोहे , कैल्सियम व फॉस्फोरस की भारी मात्रा होती है।

अगर आप अपने शिशु को भैंस का दूध देना चाहती हैं तो आप पहले उसे उबालें, ठंडा होने पर उसके ऊपर से क्रीम की परत निकाल दें। धीरे धीरे कम खुराक देना शुरू करें। बाद में खुराक बढ़ा दें।

इसे आप सादा या फिर शहद, बादाम पाउडर, कॉर्न फलैक्स के साथ मिला कर दे सकती हैं।

7. बकरी या भेड़ का दूध

अपने शिशु को बकरी या भेड़ का दूध देने से बचें। एक साल से कम के बच्चे को यह न दें। इसकी जगह आप उन्हें पैकेट दूध या टेट्रा पैक का दूध दें।

इसके साथ ही शिशु चिकित्सक से समय-समय पर मिलते रहें। वे आपके बच्चे की उम्र, वज़न, शारीरिक विकास के अनुसार खान-पान निर्धारित करेंगें। उनके बताये खाने को शिशु को दें। इसके साथ ही आपके बच्चे को दूध पसंद नहीं तो आप उसे दही दे सकती हैं। दही आपके बच्चे की आंतों और पाचन के लिए भी लाभदायक होता है।

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