स्तनपान-से-जुडी-मुसीबतों-को-जानें-xyz

1. लैचिंग से होना वाला दर्द

पहली दफा स्तनपान कराते समय निप्पल का सुजना आम बात है| लेकिन अगर बच्चा लैच कर चूका है और दर्द 1 मिनट से अधिक रहता है तो अपनी और अपने बच्चे की पोजीशन को जानचलें| अगर पोजीशन बदलने के बाद भी निप्पल में दर्द होता है तो शायद आपका निप्पल सुख गया हो| ढीले कपडे पहनें, साबुन का इस्तेमाल ना करें, हर स्तनपान कराने के बाद निप्पल पर क्रीम लगाएं जिसमें लानौलिन मौजूद हो|

2. स्तन में अधिक दूध होना

स्तन में अधिक दूध होने के कारन निप्पल कड़ा हो जाता है और ऐसी स्तिथि में बच्चे के लिए दूध पीना मुश्किल होता है क्योंकि कड़े निप्पल को वो अपने मुँह में नहीं रख पाता| स्तनपान कराने से पहले स्तन को अपने हाथ से मसाज दे दें ताकि वो थोड़ा नरम हो जाए और दूध का बहाव अच्छा बना रहे| आप जितना अपने स्तन की देखभाल और मसाज करेंगी आपके दूध का बहाव अच्छा बना रहेगा|

3. मसटीटिस

मसटीटिस एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन(bacterial infection) होता है जिसके कारन बुखार और स्तन में दर्द होता है| ये इन्फेक्शन बच्चे के पैदा होने के एक हफ्ते के अंदर होता है और इसका कारन सूजे निप्पल, स्तन की सुखी त्वचा और स्तन में अधिक दूध| इस इन्फेक्शन को दूर रखने के लिए रोज़ाना स्तन को मसाज करें, एंटीबायोटिक्स और सेकना| मसटीटिस होते हुए आप अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं डॉक्टरों ने इसे पूरी तरह सुरक्षित माना है|

4. थ्रश

थ्रश आपके बच्चे के मुँह में एक तरह का यीस्ट इन्फेक्शन होता है जो आपके स्तन तक फैल सकता है| इस इन्फेक्शन के कारन आपको तेज़ खुजली, सूजन और कभी-कभी रैश भी हो सकता है| डॉक्टर से सलाह लेकर अपने निप्पल और अपने बच्चे के मुँह में लगाने के लिए एंटीफंगल अवश्य लें|

5. स्तन में कम दूध आना

आपका दूध कम होने से बच्चे को सही पोषण तत्व नहीं मिल पायेगा| स्तन का दूध बच्चे को स्वस्थ रखना और और सभी बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है| स्तन को हर रोज़ पंप करने से दूध का बहाव और उसकी मात्रा बानी रहेगी, इसके लिए ब्रेस्ट पंप आता है जो आपको आसानी से स्तन का दूध निकालने में मदद करेगा|

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