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मुंडन क्यों कराते हैं:

– अधिक समाज में मुंडन कराने के पीछे कारन रहता है बच्चे को पूरी तरह से पाक साफ़ करना|

– बच्चे की पिछली ज़िन्दगी की बुरायिओं से दूर क्र देता है|

– जीवन की आयु बढ़ती है और किस्मत अच्छी होती है|

– बच्चे को नज़र लगने से बचाता है|

– गर्मियों के मौसम में बच्चे के सर को ठंडा रखने में मादद करता है|

– दांत निकलते समय सर दर्द को कम करता है|

– बच्चे के बालों के विकास में मदद करता है|

बच्चे का मुंडन उसके जन्म के 1-2 दिनों बाद ही करा देना चाहिए और इसका कोई समय नहीं होता लेकिन ये अच्छा होगा अगर आप अपने पंडित की या डॉक्टर की सलाह ले लें| बाल मुंडवाने के फ़ौरन बाद सर पे हल्दी और चन्दन लगाएं, इससे कोई भी कटी हुई जगह पर राहत और ठंडक मिलेगी| जो बाल कट क्र निकलेंगे उसे गनगा में फ़ेंक दें या अपने पंडित जो कहे|

सुरक्षित मुंडन करने का तरीका:

ध्यान रखें की मुंडन से पहले आपका बच्चा अच्छी तरह सो लिया हो और उसका पेट भरा हो क्योंकि बाल काटते समय भूके बच्चे को संभालना बहुत मुश्किल होगा| मुंडन कराते समय अपने बच्चे को किसी किताब या खेलने में उलझे रखें ताकि उसका ध्यान उसमें बना रहे|

– अगर बच्चे का मुंडन घर में हो रहा हो तो नाई के औज़ार अच्छी तरह धो लें क्योंकि बच्चे को उससे इन्फेक्शन हो सकता है, अगर मुंडन घर में नहीं हो रहा तो मुंडन करने से पहले नाई के औज़ार को स्टैरलाईज़ करवा लें|

– बच्चे का मुंडन होते ही उसे नेहलाये ताकि उसके बचे खुचे बाल धूल जाएँ और उसे गड़े नहीं|

– सर पे हल्दी, चन्दन या कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं ताकि कोई भी खरोच या कट बच्चे को परेशान ना करे|

 हमारा समाज पारम्पारिक रीतियों को तो जानता है पर उसका कारन नहीं – लोगों को जागरूक करने में 1 शेयर करके हमारी मदद करें –

 

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