garbhawastha-ke-dauraan-garbhwati-mahila-ke-dimaag-par-kya-asar-padta-hai

गर्भावस्था में महिलाओं में शारीरिक परिवर्तन आते हैं। परन्तु उनका दिमाग जिस आकार का है उसी आकार का रहेगा। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं बहुत कुछ भूल जाती है, मगर यह स्थायी नही होता। यह गर्भवती में हॉर्मोन के बढ़ते लेवल के कारण मस्तिषक में आये परिवर्तन के कारण होता है।

इस नाज़ुक पल में दूध और दूध से बनी चीज़ें जैसे की पनीर, लस्सी, घी, खोया और बादाम आदि खाने से लाभ मिलता है।

 

क्या गर्भावस्था में याददाश्त कम हो जाना परेशानी की बात है?

जी नही। प्रसव के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाती है। लेकिन जो महिलाएं धूम्रपान की आदी होती हैं उनके लिए यह एक परेशानी की बात है। याददाश्त और एकाग्रता का गहरा संबंध है। यदि आप किसी काम में एकाग्र होंगे तो खुद-ब-खुद आपकी याददाश्त तेज होती जाएगी।

क्या याददाश्त की समस्या सबमें होती है ?

यह जरूरी नहीं कि गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं की याद्दाश्‍त पर कोई असर पड़े। वे महिलाएं जो अपने खाने पीना को ध्यान रखती हैं और नियमित व्यायाम करती हैं, उनमें से अधिकांश को इस स्थिति का सामना भी नही करना पड़ता।

गर्भावस्था में याद्दाश्‍त में क्या बदलाव होते हैं?

आमतौर पर यदि गर्भवती महिलाएं कुछ भूल जाती हैं या फिर चीजें इधर-उधर रख देती हैं, तो अकसर यहीं कहती हैं कि इस स्थिति में याददाश्त कमजोर हो ही जाती है लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम हैं।

लोगों में आमतौर पर धारणा होती है कि “बेबी ब्रेन” या “प्रेगहेड” सिंड्रोम के कारण गर्भवती महिलाओं की याददाश्त कमजोर हो गई होगी। लेकिन कई शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि ऐसे कोई सिंड्रोम नहीं होते। इनसे याददाश्त का कोई लेना देना नहीं होता।

शोधों में यह भी पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान महिला और उसके होने वाले बच्चे दोनों पर ही दिमागी रूप से कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

जो महिलाएं ये सोचती हैं कि गर्भावस्था के कारण उनके दिमाग पर असर पड़ रहा है या वे अपनी स्मरण शक्ति खो रही है, ये सब सिर्फ उनके मन का वहम या भ्रम है। गर्भवती के जीवन में आ रहे नए बदलावों और अनुभवों के कारण वे बातें भूल सकती हैं।

अल्जाइमर क्या होता है ?

अल्जाइमर एक दिमागी बीमारी है जिस कारण गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन्स की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में अधिक ध्रूमपान, नशा या फिर एल्‍‍कोहल लेने वाली महिलाओं पर संगीन असर पड़ता है, जिससे याददाश्त कमजोर होने की समस्या हो सकती है।

आमतौर पर भी शोधों में साबित हो चुका है जो महिलाएं अधिक धूम्रपान करती हैं उनकी याददाश्त कमजोर हो जाती है।

अंतः यह कहना गलत न होगा कि गर्भावस्था का याददाश्त पर छोटे- मोटे बदलावों के अलावा कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। और यदि रोज हल्के-फुल्के व्यायाम किये जाएं,पर्याप्त नींद ली जाये और पौष्टिक भोजन लिया जाए तो गर्भावस्था में ऐसे मामूली बदलावों के प्रभाव का पता भी नहीं चलेगा।

शेयर करना न भूलियेगा

Leave a Reply

%d bloggers like this: