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  गोद भराई दुनिया भर में मशहूर हो रही है, परन्तु इसके पीछे वैज्ञानिक कारण छिपा है। होने वाली माँओं को कंगन भेंट किये जाते हैं क्योंकि शिशु उनकी आवाज़ सुनने से प्रसन्न होते हैं।

 

शिशु और कंगन का क्या लेना देना होता है?

 

पुराने ज़माने की धारणा के अनुसार महिला के हाथ के कंगन-चूड़ी घर में आने वाले जानवर, साँप और मोठे चूहे को दूर रखने में मदद करते हैं। क्योंकि उनकी आवाज़ सुनकर जानवर को लगता है की घर में कोई है जिस कारण वह डर कर चले जाते हैं।

हाथ में कंगन पहनने से महिला में हाई ब्लड प्रेशर भी पकड़ में आ जाता है।

उच्च रक्तचाप के कारण शरीर में सूजन आने लगती है जिस कारण आपके हाथों की सूजन से आप को समझ में आ जाता है। ऐसे में आपके पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में आई सूजन का पता समय रहते लग जाता है। सही समय पर डॉक्टर से इलाज करवाने पर आपकी बीमारी समय पर ठीक हो जाती है।

गर्भवती महिलाओं को गोद भराई में कंगन इसलिए भेंट किये जाते हैं क्योंकि कंगनों की खन-खन से शिशु को बाहरी आवाज़ें सुनने का अनुभव होता है। कई खोजों में ऐसा पाया गया है की खुशहाल और मद्धम स्वर शिशु और गर्भवती महिला को खुश रखते हैं। यह आवाज़ें महिला को दुःख/अवसाद में जाने से रोकती हैं।

दुखी महिला प्रेमैच्योर शिशु को जन्म दे सकती है। तनाव से गुज़र रही महिला कम वज़न के शिशु को जन्म दे सकती है।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कई महिलाएं काम करती हैं। ऐसे में महिलाओं में कई मानसिक मुद्दे स्ट्रेस का कारण बन जाते हैं। आज कल बाँझपन का मुख्य कारण है महिला में हॉर्मोन्स का असंतुलन जो की मानसिक स्ट्रेस और चिंता की वजह से होता है। ऐसे में महिलाओं का खुश रहना बहुत ज़रूरी है।

चिंता के कारण बच्चा गर्भ में गिर भी सकता है।

इसलिए आप सदैव खुशनुमा माहौल बनाये रखें। इस प्रकार न तो आपके बदन में हॉर्मोन्स का लेवल गड़बड़ाएगा और न ही आपको अनचाहे नतीजे देखने पड़ेंगे। खुश रहने से बच्चे का वज़न भी संतुलित रहेगा और वह स्वास्थ्य पैदा होगा।

हम आपको यह बात बताना चाहेंगे की हर इंसान के लिए तीन बातें महत्वपूर्ण होती हैं। वह हैं :- स्वास्थ्य खान-पान, सम्पूर्ण नींद लेना और खुश रहना। आपने देखा होगा की अक्सर हमारी आधी से ज़्यादा बीमारियां तो चिंता के कारण होती हैं। सदैव खुश और चुस्त दुरुस्त रहने से आपको दवा लेने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी।

इसलिए हमारा सभी पाठिकाओं से अनुरोध है की खाने के साथ साथ चलना-फिरना भी करें। दिन भर एक जगह बैठने से आपको डिलीवरी के समय उसका दुष्प्रभाव मालूम पड़ेगा।

इस पोस्ट को सभी लोगों तक अधिक से अधिक पहुंचाएं।

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