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रीढ़ की हड्डी और दिमाग की बुनियाद तो गर्भ धारण के कुछ ही हफ़्तों में ही बन जाती है। जैसे जैसे गर्भावस्था बढ़ती है, वैसे वैसे दिमाग का आकार बढ़ता है। इस दौरान शिशु अपना ज़्यादातर वक्त सोते हुए बिताता है।

 

 

एक शोध के मुताबिक दिमाग का विकास तीसरे हफ्ते से शुरू हो जाता है। यह 9 महीनों तक चलता रहता है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसके लिए कई बदलाव आते हैं।

 

 

7वे हफ्ते से शिशु को first rapid eye movement (REM) आने लगते हैं। प्रसूति के समय तक शिशु चैतन्य और दिमागी गतिविधियों में सामंजस्य बैठाने में लगा रहता है।

 

 

इसके अतिरिक्त दिमाग 20 से 40 मिनट के बीच तक काम करता है। इसके बीच में वह आराम करता है जिस दौरान उसमें सपने आ सकते हैं।

 

 

बहुत से लोग ऐसा कहते हैं की सपने हमरी ख्वाहिशों का आइना होते हैं। आपके गर्भ में पल रहा शिशु जिसने अभी इस दुनिया में कदम तक नहीं रखा है, वह अभी से सुखद दुनिया की कल्पना करने लगा है।

 

 

अगर आपका शिशु अधिक देर तक हाथ पैर न हिलाये तो अपना चेकअप कराना न भूलें।

 मम्मा, मैं सपने देख रहा हूँ।  इसे ज़रूर शेयर करें –

 

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