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गर्भावस्था में महिला को न चाहते हुए भी कुछ चीज़ों से समझौता करना पड़ता है। जैसे की बढ़ता वज़न और अनचाहे स्ट्रेच मार्क्स। जैसे की इन सबसे जूझना कम था तो अब एक नई शोध में पता चला है की महिलाओं कि स्मरण शक्ति भी गर्भावस्था में प्रभावित होती है।

शोध से जुड़ी अन्य ज़रूरी बातें :

एक महत्वपूर्ण शोध में 25 पहली बार माँ बनी महिलाओं को लिया गया था। उनमें से 19 महिलाओं के पतियों ने भी स्टडी में भाग लिया। एक दूसरे ग्रुप में 20 महिलाओं को लिया गया था जो कभी गर्भवती नहीं बनी थी और उनमें से 17 के पति को भी शोध में शामिल किया गया था।

सभी प्रतिभागियों को MRI scan करवाना पड़ा। इसके बाद जब दोनों ग्रुप्स की महिलाओं की दिमागी गति और क्षमता को मापा गया तो ऐसा पाया गया कि वे महिलायें जो गर्भवती थीं उनकी दिमागी शक्ति कम थी। इसके साथ ही जो मर्द पिता बने थे उनकी स्मरण शक्ति बेहतर हो गयी थी।

महिलाओं के बदन में estrogen और progesterone नामक हॉर्मोन के कारण बदलाव आते हैं। इस वजह से वे भुलक्क़ड हो सकती हैं। गर्भावस्था के ख़त्म होने के बाद जैसे ही हॉर्मोन की मात्रा सामान्य होने लगती है, महिला फिर से अपने पुराने रूप में आने लगती है।

दिमाग में ग्रे एंड वाइट मैटर नाम के हिस्से होते हैं। यह हमारी स्मरण शक्ति, व्यावहारिक गतिविधियों और रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में ताल-मेल बैठाते हैं। इनमें असंतुलन होने के कारण महिला व पुरुष दोनों के ही मस्तिष्क प्रभावित होते हैं।

शोधकर्ताओं ने ऐसा पाया की जिन गर्भवती महिलाओं में ज़्यादा grey matter उड़ जाता है उनमें बच्चों से अधिक भावनात्मक जुड़ाव होता है। यह प्रकृति ने माँओं के विकास के लिए रचित किया है।

इसलिए प्रेगनेंसी में स्मरण शक्ति मज़बूत रखने के लिए बादाम और दूध का सेवन कीजिये। जो चीज़ें भूल जाती हैं उन्हें कागज़ पर लिख लिया कीजिये। यह आपकी मदद करेगा। इसके साथ ही आप अपने पति या सास को भी कुछ चीज़ें याद रखने या करने के लिए बोल सकती हैं ताकि अगर आप भूलें भीं तो दूसरा व्यक्ति आपको याद दिला दे।

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