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  आपके शिशु का जन्म के बाद सर बालों से भरा हो सकता है या फिर कम बालों वाला हो सकता है। शिशु कैसा भी हो, पर उसका ध्यान तो आपको रखना ही होगा। यह हर शिशु में खास होता है। आप एक शिशु को दूसरे से तुलना नहीं कर सकती। इसलिए यह कुछ ज़रूरी बातें जान लें।

हार्टबर्न यानि एसिड रिफ्लक्स जिन महिलाओं में होता है उनके बच्चे अक्सर सर पर अधिक बालों के साथ पैदा होते हैं। ऐसा पुराने ज़माने से बोला जा रहा है। परन्तु इसके पीछे के सच या सही कारण का पता नही लग पाया है।

 एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए महिलाएं अनानास का सेवन करने से आराम पा सकती हैं।

वैज्ञानिक भाषा में नवजात शिशु के सर के बालों को लनूगो कहते हैं। यह बाल महीन और नाज़ुक होते हैं। लनूगो बाल जन्म के कुछ हफ़्तों बाद गिर जाते हैं और इनकी जगह नए बाल आ जाते हैं जिन्हें वेलस बाल कहते हैं। वेलस बाल लम्बे समय तक शिशु के सर पर रहते हैं। इनको मुंडन के बाद हटाया जाता है।

बाल कई अभिभावकों के लिए चिंता का विषय होता है। उनको लगता है की शिशु के सर पर अधिक बाल चिंता का विषय है। कुछ लोग शिशु के लनूगो बाल गिरने से बच्चा कहीं गंजा न रह जाये इसकी चिंता करते हैं। परन्तु शिशु के जन्म लेते ही उसके भविष्य में बाल रहेंगे इसका अनुमान लगाना सही नहीं है।

समय दें। धीरे धीरे सब सामान्य हो जायेगा।

शिशु का सर की देखभाल करने के लिए उन्हें हलके हाथों से प्राकृतिक तेल जैसे नारियल/ओलिव से मालिश करें। बाजार में बच्चों के लिए विभिन्न तेल और शैम्पू ब्रांड्स मिलते हैं। आप अपनी पसंद से कोई भी कोमल प्रोडक्त खरीद सकती हैं।

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