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   सबसे पहले हम आपको ये बताना चाहते हैं की बच्चे अँगूठा क्यों चूसते हैं?

 आपके बच्चे को अपना अँगूठा चूस कर काफ़ी आराम और राहत मिलती है| बच्चा अँगूठा तब चूसते हैं जब उन्हें भूक, डर, थकान महसूस होती है या फिर उस समय जब वो किसी चीज़ को करने के लिए अपनी पूरी कोशिस कर रहे हों| कुछ बच्चों की ये आदत बन जाती है और ये काफ़ी मामूली सी आदत है| वो जैसे ही थोड़े बड़े होते हैं वो इस आदत को छोड़ देते हैं लेकिन कुछ बच्चे बड़े होने पर भी इस आदत को नहीं छोड़ पाते| अगर आपका बच्चा 3-4 साल की उम्र के बाद भी अँगूठा चूसता हो तो अब वक़्त आगया है की आपको उसे रोकने के लिए कुछ करना चाहिए|

अँगूठा चूसने का परिणाम क्या हो सकता है?

 जब आपका बच्चा अँगूठा चूसता है तो उसका प्रेशर उसके मुँह के ऊपरी हिस्से और ऊपरी जबड़े के टिशू पर पड़ता है| इससे दाँत अपनी जगह से हिल सकते हैं और जब आपके बच्चे के परमानेंट दांत आएंगे तो उससे दाँतों की परेशानी हो सकती है| कुछ बच्चों को S वाले शब्द बोलने में भी तकलीफ़ होती है| अँगूठा चूसने का प्रभाव अँगूठे पर भी पड़ता है, लगातार चूसने के कारण वो सुख जाती हैं और इन्फेक्शन भी हो सकता है| इसके इलावा आपके बच्चे को स्कूल में भी दिक्कत आ सकती है जब वो अपने दोस्तों के सामने अँगूठा चूसेगा और उसका मज़ाक उड़ाया जाएगा|

बच्चे को अँगूठा चूसने से कैसे रोका जाए?

1. अपने बच्चे से इस बारे में बात करें और उसे बताएं की उसे अँगूठा चूसना क्यों छोड़ता चाहिए, उसे बताएं की अब वो बड़ा होगया है| आप उसे उसके पसंदीदा कार्टून या सुपरहीरो के माध्यम से बता सकते हैं की वो अँगूठा नहीं चूसते क्यों की ये बुरी बात है तो उसे भी नहीं चूसना चाहिए|

 2. आप अपने बच्चे के अँगूठे को टेप से या टाइट कपड़े से बाँध सकती हैं जो की ज़ाहिर है की अगर वो उसे अपने मुँह में लेगा तो उसे स्वाद पसंद नहीं आएगा| मार्किट में प्लास्टिक के कई थंब गार्ड भी मिलते हैं जो आपके बच्चे के अँगूठे में आसानी से डाले जा सकते हैं|

3. उसके अँगूठे पर नीम्बू का रस या नीम का पेस्ट लगा दें, नीम्बू की खटास और नीम का कड़वापन आपके बच्चे को अपना अंगूठा मुँह में ना लेने पर मजबूर करदेगा|

4. आप अपने बच्चे को अँगूठा ना लेने के लिए लॉलीपॉप, चॉकलेट ये ऐसे कुछ सामान दे सकती हैं जिससे अँगूठा पर से उसका ध्यान हटा रहे|

5. अपने बच्चे को ज़बरदस्ती अँगूठा चूसने के आदत से ना हटाएं, ये उसी भावुक रूप से परेशान कर सकता है| कुछ समय के लिए उसकी आदत को नज़रअंदाज़ करें, आप जितना उसपर ध्यान देंगी वो उतना ही ज़िद्दी बनेगा और अपनी आदत को छोड़ने से इंकार करेगा|

इस पोस्ट को पढ़ें, समझें और शेयर करें ताकि दूसरी मायें भी अपने बच्चे की इस आदत से निपट सकें!

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