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महिलाओं की सेहत में उम्र के हर पड़ाव में बदलाव आते रहते हैं। किशोरावस्था से माँ का सफर, माँ से दादी/नानी बनने का सफर, माहवारी के शुरुर होने से उसके रुकने तक, इन सभी मोड़ों पर उसकी काया को चाहे अनचाहे परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। इनमें से एक मुख्य मुद्दा होता है मासिक माहवारी का। महिलाओ को पीरियड्स को लेकर कई शंकायें होती हैं, सबसे ज़्यादा अनियमित माहवारी चिंता का विषय बनती है।

इस ब्लॉग में हम आपको अनियमित माहवारी के 8 मुख्य कारण बताएँगे जिन्हें पढ़कर आपकी समस्या का समाधान होगा:

1. अत्यधिक शारीरिक श्रम

काम के सिलसिले या खेलकूद के सिलसिले में आप शरीर पर क्षमता से ज़्यादा श्रम डालेंगी तो आपके बदन के हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ने से आपके पीरियड मिस होने की सम्भावना होती है।

2. तनाव

 

इस बात की पुष्टि आपके आस पास की महिलाओं से ही आपको मिल जाएगी की वे महिलायें जो तनाव में रहती हैं उनके बदन में कोर्टिसोल नामक हॉर्मोन के लेवल बढ़ जाते हैं। इस कारण महिला की सामान्य ओवुलेशन साइकल स्थगित हो जाती है। परिणामस्वरूप उनमें माहवारी न होने का लक्षण आ सकता है। इसके साथ ही अगर आपको भूख नहीं लगती या अनिद्रा हो गई है तो आप समझ सकती हैं की ये दुःख तकलीफ की वजह से हो रहा है।

3. गैरमुनासिब जीवनशैली

वे महिलायें जो आधुनिक बनने की होड़ में सिगरट-शराब का सेवन करती हैं,देर रात सोती हैं, समय पर खाना नहीं खाती उनको भी पीरियड मिस हो जाता है। नियमित जीवनशैली से आपका बदन भी एक ताल में आ जाता है और उसका पालन करने लगता है।

4. मोटापा

जिन महिलाओं का वज़न अत्यधिक हो जाता है उन्हें भी मोटापा के दुष्प्रभाव से रूबरू होना पड़ता है। BMI स्केल के मुताबिक जिनकी स्कोर 30 से ऊपर है उन्हें अनियमित माहवारी की समस्या होती है। ऐसी महिलाओं को वज़न घटाने की ज़रूरत है ताकि उनकी सेहत और स्वास्थ्य सुधर जाये। इसके साथ ही उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और वे अपने मनपसंद कपड़े भी आसानी से पहन सकती हैं।

5. थाइरोइड ग्रंथि की गड़बड़ाहट

Thyroid gland का अत्यधिक काम करना या कम हॉर्मोन पैदा करना महिला के सम्पूर्ण शरीर पर असर डालता है। इस वजह से menstrual cycle भी प्रभावित होती है।

6. Polycystic Ovary Syndrome (PCOS)

इस बीमारी में महिला की डिंबग्रंथि छिद्र हो जाते हैं और कई cysts हो जाते हैं जिस कारण उसमें कई अविकसित अंडे रह जाते हैं। वे ओव्युलेशन चक्र को पूरा नहीं कर पाते और शरीर में हॉर्मोन लेवल भी असंतुलित हो जाते हैं। पीरियड्स मिस होने के साथ साथ उनमें शरीर पर अत्यधिक बाल, माहवारी में अत्यधिक पीड़ा और मुहांसे भी हो जाते हैं।

7. गर्भ धारण के कारण

अगर पति पत्नी या स्त्री-पुरुष में शारीरिक सम्बन्ध बन जाते हैं और उस कारण गर्भ धारण होने के कारण से भी महिला की महवारी नहीं होती।

8. कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी महिलाओं में महवारी नहीं होती।

9. Hyperprolactinemia

Hyperprolactinemia स्थिति में महिला के बदन में प्रोलैक्टिन नाम का हॉर्मोन का लेवल अत्यधिक बढ़ जाने के कारण उसमें पीरियड मिस हो सकते हैं।

10. किसी प्रकार का ट्यूमर/कैंसर

अगर महिला की योनि / गर्भाशय/ cervix में कैंसर/ fibroid नाम का रोग हो जाते है तो उन जगहों में गुच्छे/ गांठ बन जाने की वजह से माहवारी होने में कठिनाई आती है।

11. pituitary ग्रंथि का काम ठीक से न करना

हमारे शरीर की कई महत्वपूर्ण ग्रंथियों में से एक हैpituitary gland। यह मास्टर ग्रंथि होती है जो शरीर की अन्य ग्रंथियों पर नियंत्रण करती है। इस लिए इसका बिगड़ना भी महिलाओं की माहवारी पर नकारात्मक असर डालता है।

अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और कोई भी कष्ट हो तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य करवाएं।

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