गर्भावस्था में जोड़ों के दर्द से छुटकारा कैसे पायें

बहुत सी महिलाओं को गर्भावस्था में पैरों में दर्द के साथ जोड़ों में दर्द होने लगता है। हालाँकि यह आम समस्यायें हैं परन्तु इनसे महिलाओं को रोज़मर्रा के काम करने में दिक्कत आती है।

जोड़ों और घुटनों के दर्द से निजात पाने के लिये आप निम्नलिखित इलाज अपना सकती हैं:

1. मोटापे पर नियंत्रण रखें

 

देखा जाता है की महिला का वज़न बढ़ने पर उसके पैरों, घुटनों और पैरों की उँगलियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। आपके घुटने आपको ढीले होते महसूस होने लगेंगे। चलते वक्त आपको रेंगने/ तैरने जैसा आभास होगा।

घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि यह प्राकृतिक है। वज़न बढ़ने के कारण आपको पैरों में, एड़ियों में, घुटनों में जकड़न महसूस होने लगेगी। कभीकभी पैरों के निचला हिस्सा सुन्न पड़ जाता है।

शरीर में अत्यधिक सूजन पानी के जमा होने के कारण हो सकती है या फिर आप को असामान्य/असहज महसूस हो तो आप विशेषज्ञ से सलाह लें।

पैरों की सूजन और जोड़ों के दर्द के लिए घरेलु उपचार

 

 

2. महिलायें प्रभावित स्थान पर बर्फ का मोटा टुकड़ा रख सकती हैं।

व्यायाम(एक्सरसाइज) रोज़ाना व्यायाम करना महिलााओं के शरीर को चुस्त-दुरुस्त, फुर्तीला और लचीला बनाता है। इसके कारण महिलाओं के शरीर में काम करने के लिए स्फूर्ति रहती है और ऊर्जा बढ़ती है। थकान कम होना और खुशहाल बने रहने इसके अन्य फायदे हैं। आपसे ज़्यादा देर तक नहीं हो पाता है तो उसकी फ़िक्र न करें। नियमित 15 मिनट भी अपने शरीर पर इन्वेस्ट करने से आपको सकारात्मक नतीजे मिलेंगे।

3. गुनगुने पानी से नहाना/भाप लेना

पैर की जिस स्थान में पीड़ा होती है वहाँ आप हॉट वाटर बैग रख कर सेंक सकती हैं। गर्मी उस जगह पर आराम पहुंचाती है जिससे की वहाँ रक्त प्रवाह नियंत्रित हो जाता है।

4. क्रीम लगाएं

डॉक्टर के बताये गए जेल/लेप/लोशन इत्यादि को दर्द वाले स्थान पर हलके हाथों से 10 मिनट तक धीरे धीरे रगड़ कर लगाएं। आपकी उँगलियों से वहां दर्द कम होने लगेगा और क्रीम अपना असर बेहतर दिखा पायेगी।

 

5. अक्युपंचर

इस विधि में शरीर के चुनिंदा स्थानों पर, (जिन्हे दबाने से स्वास्थ्य/दर्द से निवारण होता है) को दबाया जाता है ताकि मनुष्य को आराम मिल सके।

 

6. हर्बल सप्लीमेंट लें

ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट लें।

7. आराम करें। शरीर पर अत्यधिक श्रम का बोझ न डालें।

 

8. पैरों की चप्पलों पर ध्यान दें।

कुशन वाली चप्पलें पैरों में पहने। हील वाली चप्पलें पहनने में परहेज़ करें। चप्पलों की भूमिका को नज़रअंदाज़ न करें।

इन उपायों के बावजूद अगर आपको आराम न मिलें तो डॉक्टर से जांच करवायें और अन्य पद्धति अपनायें। इस ब्लॉग को शेयर करें और स्वस्थ्य रहे।

 

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