गर्भ में शिशु क्या सुनते हैं और उसका असर

 क्या आपने कभी सोचा है की गर्भ में कैसी आवाज़ें सुनने को मिलती हैं? गर्भ की आवाज़ रिकॉर्ड की गयी सी-डी, दिल की ढकन की आवाज़ें सुनने से शायद आपको अंदाजा मिल जाए की गर्भ में पलने वाले बच्चों को कैसी आवाज़ें सुनाई देती हैं| अपनी सहेली के पेट पर कान रखकर सुन्ना एक और तरीका है जिससे आप गर्भ की आवाज़ सुन सकती हैं| एक बच्चा आवाज़ों से भरी दुनिया में रहता है जहाँ मोशन, वाइब्रेशन सब महसूस होते हैं और बच्चे को सुनाई देने वाली पहली आवाज़ें होती हैं दिल की धड़कन, खून के बहने की आवाज़ और एमनीओटिक फ्लूइड के बहाव की आवाज़|

 गर्भ में बच्चे को सुनाई देने वाली आवाज़ें

 गर्भावस्था के तीसरे हफ़्ते में बच्चे के कान बनना शुरू हो जाते हैं और 20 हफ़्तों बाद उसके कान बड़े लोगों की तरह आकर ले लेती हैं| 4 हफ़्तों बाद बच्चे अच्छी तरह सुन्ना शुरू करदेते हैं और वो गर्भ के बाहर कुछ आवाज़ें जैसे बात करने की आवाज़, गाना और अन्य आवाज़ें सुन सकते हैं| गर्भ के अंदर की आवाज़ें ज़्यादा साफ़ नहीं सुनाई देतीं मगर बाहरी आवाज़ें बच्चे अच्छी तरह सुन पाते हैं| बच्चे का दिमाग आवाज़ों को रजिस्टर करता है और आवाज़ की ऊँच नीच को सही कर के बच्चे तक पहुँचता है, कुछ आवाज़ें दूसरी आवाज़ों के मुताबिक तरल पदार्थ के साथ बच्चे तक अच्छे से पहुचंती हैं| अगर आप चाहती हैं की आपका बच्चा अच्छी तरह आवाज़ों को सुन पाए तो उसे कोई ऐसी संगीत सुनाएं जिसमें बहुत शोर हो ताकि वाइब्रेशन के द्वारा वो आवाज़ बच्चे तक पहुँच पाए|

माता-पिता की आवाज़ें

 सदियों से माओं ने अपने बच्चों को लोरी सुनाई है और ना केवल नवजात शिशुओं को बल्कि गर्भ में पलने वाले बच्चे को भी| बाहर की अन्य आवाज़ों से बेहतर माँ की आवाज़ बच्चे तक ज़ायदा अच्छे से बिना किसी बाधा के पहुंचती है| कई आवाज़ें और शोर बच्चे तक उसके कान से वाइब्रेशन के तौर पे उसकी खोपड़ी तक पहुँचती हैं| एक नवजात शिशु को अपनी माँ की आवाज़ ज़्यादा पसंद आएगी क्योंकि वो गर्भ से ही उसकी आवाज़ सुनता आ रहा है| लेकिन अगर पिता भी गर्भ के पास मुँह लगा कर बच्चे से बातें करें तो हो सकता है की जन्म के बाद बच्चा अपने पिता की भी आवाज़ पहचान पाए|

संगीत और सीख

संगीत सुनने से आपके बच्चे के कान, दिमाग और शरीर की शक्ति को सुधरती है जिसके कारण उसकी जीवनशैली बढ़ती है| संगीत संवाद करने का सबसे अच्छा तरीका है जो बच्चों को आगे के जीवन के पड़ावों के लिए तैयार करता है- आवाज़ों का महत्व और भाषाओँ में अंतर संगीत ही उन्हें ये चीज़ें सिखाता है| गाना सुन्ना और गाना एक स्वस्थ और बढ़िया तरीका है बच्चे के अच्छे विकास के लिए| बच्चों को अक्सर गर्भ में हुई चीज़ें याद नहीं रहती मगर उनकी पसंद नापसंद कुछ और ही कहती है, बच्चे अक्सर वही संगीतें सुन्ना पसंद करते हैं जो उन्हें गर्भ में सुनाया गया हो क्योंकि वो संगीत उनके लिए जानी पहचानी रहती है| बच्चा अगर रो रहा हो तो उसे वो संगीत सुनाया जा सकती हैं जो उसे गर्भ में सुनाई जाती थीं, वो उसे चुप करा सकती है, जानी पहचानी आवाज़ बच्चे को अधिक हिलने डुलने पर मजबूर कर सकती है| सागर की आवाज़ और पानी की लहरें एक रोते हुए बच्चे को चुप करा सकती हैं क्योंकि लहरों की आवाज़ें गर्भ में होने वाली आवाज़ों से मिलती जुलती हैं|

संगीत की पसंद

माँ का मूड और रिएक्शन उसके बच्चे के संगीत की पसंद पर गहरा प्रभाव डाल सकता है| बिना कुछ किये बच्चा अपनी माँ का मूड समझ जाता है और उसी हिसाब से उसका मूड भी बदलता रहता है, अगर उसकी माँ दुखी गाना सुनती हो तो वो भी दुखी रहेगा और अच्छे गाने सुनती हों तो बच्चे पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा| संगीत से बढ़कर संगीत की गति मायने रखती है और ये सोचकर की अधिक रफ़्तार वाली संगीत बच्चे को नुक्सान कर सकती है धीमी रफ़्तार वाली संगीत चलाने की आवश्यकता नहीं है लेकिन अधिक बीट वाले गाने भी बच्चे को डरा सकते हैं| हर तरह के गाने बजाएं और अपने बच्चे का रिएक्शन देखें, क्या तेज़ रफ़्तार वाले गाने सुनकर आपका बच्चा तेज़ी से लात मारने लगता है? कई गानों को सुनकर क्या आपका बच्चा शांत हो जाता है?

आराम करें और संगीत का मज़ा लें

सुस्ताने का सबसे अच्छा तरीका है संगीत सुन्ना| कुछ वक़्त निकालें और अपने बच्चे के साथ संगीत का मज़ा लें, आप एक हेडफोन अपने पेट पर लगाएं और एक अपने कान में इससे आप अपने बच्चे के साथ गाना सुन सकती हैं| अपने बच्चे के साथ गाना सुन्ना और गाना उससे रिश्ता बनाने का सबसे अच्छा तरीका है और ये गानें जो आप अभी सुनेंगी बाद में उसकी मदद से आप अपने बच्चे को जल्दी चुप भी करवा सकती हैं|

तो अपने बच्चे के साथ गाना सुनें और गायें साथ ही इस पोस्ट को दूसरी महिलाओं के साथ शेयर कर के उन्हें अपने बच्चे के साथ अच्छा रिश्ता बनाने का मौका दें!

मम्मा, मैं यह सुन पा रहा हूँ कि – आप भी मेरी दुनिया में आकर देखें – इसे ज़रूर शेयर करें –

 

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