मीसल्स-मंप-रूबेला(MMR) टीकाकरण: इसकी सम्पूर्ण जानकारी – कब और कैसे होना चाहिए –

मीसल्स मंप रूबेला टीकाकरण तीन रोगों से बचाव करता है। मीसल्स मंप रूबेला टीके में इन तीनों रोगों के वायरस होते हैं, यह तीन रोग हैं: मीसल्स, मम्प्स और रूबेला। यह टीका इंजेक्शन के रूप में लगाया जाता है। इसकी पहली खुराक शिशुओं में 9 महीने के दौरान लगाई जाती है। इसकी दूसरी खुराक शिशुओं को 15 से 18 माह पर दी जाती है।

वैसे तो MMR टीका बचपन में लगाया जाता है परंतु जिन वयस्कों को HIV की सम्भावना होती है वे भी इसे लगवा सकते हैं।

कुछ ज़रूरी प्रश्न और उनके जवाब:

मीसल्स-मंप-रूबेला क्या होते हैं?

यह अति संक्रमक रोग हैं जो मरीज़ को छूने से फैल सकते हैं। यह पुराने रोग हैं परन्तु इनके इलाज पर अब ध्यान दिया जा रहा है।

मीसल्स-मंप-रूबेला के टीके की कीमत ?

बहुत सी बड़ी कम्पनियाँ मीसल्स-मंप-रूबेला के टीके का उत्पाद करती हैं परन्तु इसकी कीमत होती है मात्र 70 से 75 रूपये। भारत सरकार इसे मुफ्त में लगवा देती है।

क्या MMR टीका बच्चो के लिए सुरक्षित होता है? इसके कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होते?

अभी MMR टीका 150 देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसका कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। भारत में इस्तेमाल किये जाने वाला टीका श्री लंका, नेपाल और बांग्लादेश में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके बहुत ही छोटे साइड इफ़ेक्ट होते हैं जैसे की बुखार, रैश और गालों/गले की नस का सूज जाना। घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि यह अपने आप ठीक हो जाते हैं।

किन हालात में MMR टीका नहीं देना चाहिए ?

वैसे तो MMR टीका सुरक्षित होता है फिरभी इन हालात में आप इसे बच्चे को न लगवाएं:

1. अगर बच्चे को तेज़ बुखार है।

2. उसे मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं, चक्कर, बेहोशी आ रही है।

3. अगर पहले कभी टीका लगवाने के बाद उसको गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हुआ था।

4. अगर बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम है।

इस टीके में तीनों रोगों के लिए एक साथ इंजेक्शन दे दिया जाता है ताकि बच्चों को 3,4 बार टीका लगवाने का दर्द न हो।

तो आप भी अपने बच्चे के टीके समय पर लगवाएं। इस पोस्ट को अन्य लोगों की जागरूकता के लिए शेयर करें।

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