गर्भाशय के बारे में 8 बातें जो आप नहीं जानती थीं

महिलाओं के शरीर का सबसे सशक्त और मल्टी-टास्क करने वाला अंग है गर्भाशय जो शिशु के जन्म की शुरुवात से लेकर महिला के जीवन के अंत तक कई बदलाव अनुभव करता है परन्तु समय समय पर अपने कार्य करता है। गर्भाशय के रोल्स ज़िन्दगी के हर मोड़ पर बदलते हैं परन्तु वह अपना काम पूरी निष्ठा के साथ करता है। क्या आप अपने इस अंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी रखती हैं? चलिए आगे पढ़ें।

1. यह बेहद लचीला होता है

गर्भाशय में फैलने की अपार क्षमता होती है। यह शिशु को जगह देने के लिए फैलता भी है व जन्म क बाद वापस सिकुड़ जाता है।

2. गर्भाशय बहुत शक्तिशाली होता है

गर्भाशय की मांसपेशियों में बहुत शक्ति होती है। वह शिशु को खुद में पालता है। उसमें शिशु को जन्म देने के लिए संकुचन पैदा होते हैं व शिशु को माँ के शरीर से अलग करते हैं।

3. इसमें सेक्स के दौरान चरमसुख उत्पन्न होता है।

स्त्री-पुरुष के निजी सम्बन्ध के दौरान महिला को जो चरमसुख प्राप्ति होती है उसका जन्म गर्भाशय से ही होता है। यह योनि की मांसपेशियों वे अन्य जननांगों तक सुख का संकेत भेज स्त्री को अत्यंत सुख देता है।

4. गर्भाशय में खुद को ठीक करने की शक्ति होती है

हर महीने गर्भ धारण की उम्मीद से गर्भाशय की अंदरूनी परत endometrium में रक्त और ज़रूरी पोषक तत्व जमा होते है। परन्तु गर्भ धारण न होने पर यह परत टूट कर बह जाती है। यह प्रक्रिया महिला में तब तक चालू रहती है जब तक महिला को गर्भ धारण न हो जाये। इसके लिए प्रति माह गर्भाशय को खुद का पुनःनिर्माण करना पड़ता है।

5. सी-सेक्शन और हिस्टरक्टॉमी (hysterectomies) से महिला के गर्भाशय को हानि होती है।

6. महिलाओ में गर्भाशय होना आवश्यक होता है ताकि महिला शिशु को जन्म दे सके। इसके अभाव में महिला शिशु को खुद में पल नहीं सकती।

7. गर्भाशय ब्रम्हांड से जुड़ा होता है

महिला का मासिक चक्र पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा से जुड़ा होता है। हर मासिक चक्र 29.5 दिनों का होता है। जितना आपके मासिक चक्र 29.5 दिनों के करीब होगा उतनी अधिक स्वस्थ्य महिला मानी जाएगी। चाँद के वर्ष में 13 चक्र होते हैं और एक बालिका की पहली माहवारी 13 वर्ष की उम्र से शुरू होती है। ठीक उसी तरह एक साल में 52 हफ्ते होते हैं और महिला की माहवारी भी 52 वर्ष पर रुक जाती है। पुराने ज़माने में समय महिला के माहवारी आरम्भ होने से अनुमान लगाया जाता था। महिला की माहवारी कैलेंडर का काम करती थी।

8. गर्भाशय नए अंग तो जन्म दे सकता है

गर्भाशय एकलौता ऐसा अंग है जिसमें दूसरे अंग को जन्म देने की काबिलियत होती है। गर्भाशय से गर्भनाल का निर्माण होता है जो माँ और शिशु के शरीर के बीच एक सुरक्षा कवच का काम करता है। इसके कारण गन्दगी, कीटाणु शिशु तक नहीं पहुँचते और शिशु के बदन का मैल बाहर निकल जाता है। साथ ही गर्भनाल शिशु को पोषक तत्व भी प्रदान करती है।

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