जानें गर्भावस्था में इन चीजों की लालसा होने का क्या मतलब हो सकता है?

 

 अचानक गर्भवती महिला को कुछ खाने की इच्छा हो जाती है। 40% को कुछ मीठा खाने का मन करता है तो 33% को नमकीन। 17 प्रतिशत महिलाएं मसालेदार खाने की चाह रखती हैं तथा 10% खट्टे फल जैसे नीम्बू, मुसम्मी, हरे सेब खाना चाहती हैं। आखिर यह सब क्या दर्शाते हैं?

 

 महिलाओं को किसी भी वक्त किसी खास चीज़ को चखने का मन कर सकता है। इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं होता। इसलिए उन्हें अपने घर के फ्रिज में कोल्ड ड्रिंक्स,जूस, आइस क्रीम, चोकलेट्स का पर्याप्त स्टॉक रखना चाहिए। अचार, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज इत्यादि को भी रखिये। आज कल वैसे भी फ्रोजेन फ़ूड का कांसेप्ट अच्छा आया है जहाँ खाना लम्बे समय के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है और जब खाना चाहें तो उसे तेल में तल कर सेवन कर सकती हैं।

 कुछ महिलाओं को पिज़्ज़ा या फिर पेस्ट्री खाने का मन करता है। ऐसे में घर में कोई है तो उससे बोल कर मंगवा लें। अगर होम डिलीवरी का विकल्प है तो आप फ़ोन पर बोल कर घर मंगा सकती हैं।

महिलाओं में अचानक कुछ खाने की तीव्र इच्छा क्यों होती है?

 इन सबके पीछे महिला के बढ़ते-गिरते हॉर्मोन लेवल ज़िम्मेदार होते हैं। गर्भावस्था के बाद सब सामान्य हो जाता है। हॉर्मोन की मात्रा महिला की चखने और सूंघने की शक्ति को बहुत हद तक बदल देते हैं। फिरभी इसके अलावा महिलाओं की फ़ूड क्रेविंग पर अधिक रिसर्च नहीं की गई है।

क्या अर्थ है इन इच्छाओं के पीछे?

1. अगर महिला को बर्फ का सेवन करने की तीव्र इच्छा होती है तो यह उसके बदन में आयरन या जिंक की कमी को दर्शाते हैं।

2. चॉकलेट की चाह महिला में मैग्नीशियम की कमी के कारण होती है। मैग्नेशियम की अच्छी मात्रा अंकुरित अनाज, बीन्स, मूंगफली, और पालक जैसी हरी सब्ज़ियों में पायी जाती है।

3. मछली और फ्लैक्स सीड के सेवन से भोजन की अत्यधिक-अकस्मात् चाह काबू हो जाती है।

 

4. अगर महिला को मांस खाने की तीव्र इच्छा होती है तो इसका अर्थ है की उसमें प्रोटीन की कमी है। इस प्रकार शिशु को बीटा-कैरोटीन की खुराक मिल जाती है।

5. महिलाओं को शराब, चाय, कॉफी और सोडे जैसी चीज़ें लेने का मन नहीं करता।

अपनी सेहत का ध्यान कैसे रखें?

अगर आपको यह महसूस होने लगे की आप को किसी चीज़ के बिना रहा नहीं जा रहा है और उसे खाना काबू नहीं कर पा रही हैं तो आप उसके बदले कुछ और खाने का विकल्प अपनायें। इससे आपके शिशु को हानि नहीं होगी।

उदाहरण के लिए अधिक पिज़्ज़ा खाने का दिल करे तो आप उसकी जगह घी वाले पराठे या मक्खन-ब्रेड का सेवन करें।

कुछ अन्य गतिविधियों में मन लगायें क्योंकि अक्सर बोरियत दूर करने के लिए महिलाएं खाने की वस्तु का उपयोग करती हैं।

नियंत्रित भोजन करें वरना आप मोटापे का शिकार बन जायेंगी।

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