प्रेगनेंसी में किस प्रकार के दर्द होते हैं और किनसे ज़्यादा खतरा है?

  गर्भावस्था में महिला को विभिन्न परेशानियों से गुज़ारना पड़ता है। उसे कई प्रकार के दर्द अनुभव होते हैं। इस पोस्ट में इन सभी दर्द के बारे में विस्तार में बताया जायेगा।

महिलाओं में गर्भावस्था में विभिन्न प्रकार के दर्द:

  महिलाओं को आँखों पर दबाव पड़ सकता है:

 

 

क्या आपको पता है की ब्लड प्रेशर और आँखों की दृष्टि के बीच गहरा रिश्ता होता है ? इसलिए कई हाई बी.पी के मरीज़ों को अक्सर आँखों पर दबाव पड़ता है और देखने में दिक्कत आती है।

सायनस का दर्द:

 

यह दर्द माथे, गाल और नाक के बीच में भी हो सकता है। इन प्रभावित जगहों पर दर्द होता है। इस दर्द के पीछे का कारण होता है कीटाणुओं से संक्रमण या फिर अलेर्जी जिससे नाक की अंदरूनी नसों में सूजन आने के कारण रक्त का प्रवाह स्थगित हो जाता है।

  माथे और आँखों के ऊपर का सर दर्द :

इस दर्द में महिला को असहनीय दर्द से लेकर नज़रअंदाज़ करने लायक दर्द हो सकता है। इसमें आराम करने, सोने से लेकर दवा खाने तक का उपचार किया जा सकता ह

माइग्रेन का दर्द :

सबसे खतरनाक दर्द होता है माइग्रेन का। यह दिन के किसी भी वक्त शुरू हो सकता है। यह अधिक्तर सर दर्द के साथ साथ रौशनी के प्रति संवेदनशील भी बना देता है। महिला को धुंदला दिखने सा लगता है, साथ ही चक्कर आना, उलटी होना, और बेहोश होने की सम्भावना भी हो सकती है।

पीठ दर्द:

यह दर्द बच्चे के बढ़ते वज़न का माँ की पीठ पर भार ढोने के कारण होता है। इसमें रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है।

पैर और हाथों में सूजन व दर्द:

इस स्थिति में महिलाओं को गर्भावस्था के टलने का इंतज़ार करना चाहिए। इस स्थिति में महिलाओं को सूजन व दर्द वाले स्थान पर बर्फ या क्रीम लगानी चाहिए।

सेहत पर ध्यान देना और उससे बचाव करना ही सुखी जीवन की चाभी है।

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