बच्चे रात में क्यों रोते हैं

 पूरी रात शिशु का रोना, माता-पिता के थकाऊ और परेशानी भरा हो सकता है।लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की शिशु का रोना उनका आपसे अपनी ज़रूरतों के लिए संपर्क करने या आपका ध्यान पाने का एक तरीक़ा है। यही कारण है की जब आप उन्हें आराम देते है तो अधिकतर शिशु रोना बन्द कर देते है।हालाँकि अगर आपका शिशु आपके उन्हे शांत कराने के कई प्रयासों के बाद भी चुप ना हो,तो कोई अंदरूनी समस्या हो सकती है!

 

 

 

आमतौर पर शिशु का रात को रोना सामान्य होता है।जैसा की कहा गया है की शिशु का रोना उनका आपसे अपनी ज़रूरतों के लिए संपर्क करने का तरीक़ा है।यह भी संभव है की शिशु दिन और रात में भ्रमित होने के कारण दिन में जगा हो और रात में आपका ध्यान प्राप्त करने के लिए रो रहा हो। बच्चा आपको यह बताने की भी कोशिश कर सकता है की वह भूखा है, उसे ठंड या गर्मी लग रही है,वह गीला है, असहज है या ऊब रहा है।

यह है कुछ सामान्य कारण जिनके वजह से शिशु रात में रोते है —

 भूख – भूख के लक्षणों को पहचानना आपको शिशु को समय पर भोजन कराने में मदद करेगा और भूख को रोने की स्थिति तक जाने से रोकेगा। नवजात शिशुओं में भूख के लक्षण चिड़चिड़ापन, बेचैनी व हाथ मुंह में डालना।

गैस के कारण पेट दर्द – पेट दर्द की वजह से शिशु बहुत रोते हैं। अगर आपका शिशु भोजन करने के बाद रोता है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि उन्हें पेट संबंधी समस्याएं हैं। निश्चित बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर से मिलें और उचित उपचार लें। डॉक्टर के परामर्श के बिना शिशु को एंटी-गैस ड्राप या ग्राइप वाटर ना दें।

गंदा डाइपर –कुछ शिशु गंदे डाइपर को संभाल सकते है वहीं कुछ इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और वह इसे साफ कराने के लिए रोना शुरू कर देते है।

नींद की जरूरत – हालांकि आपको लगता है कि थका हुआ बच्चा फौरन सो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। शिशु सोने से पहले चिड़चिड़ा और अधिक थका होने के कारण रो भी सकता है।

अधिक तापमान – अगर शिशु कमरे के तापमान के कारण असहज होता है तो भी वह रोते हैं। शिशुओं को गर्माहट पसंद होती है लेकिन अगर यह ज्यादा गर्म होता है, तो वह इस बात का ध्यान रखते हैं की आपको यह मालूम हो। हालांकि जब उन्हें ठंड लगती है तब वह गर्म लगने की तुलना में ज्यादा रोते हैं।

दाँत दर्द – दाँत आना आपके शिशु के लिए एक दर्दनाक प्रक्रिया हो सकती है। मुलायम मसूड़ों से दाँत निकलने से आपके शिशु को बहुत दर्द हो सकता है। इससे वह दर्द में रोते हैं। शिशु के मसूड़ों से निकलते दांत को उंगली से महसूस करें।

बीमार महसूस करना – अगर आपने सभी सामान्य लक्षणों की जांच कर ली है और आपका शिशु फिर भी रो रहा है तो हो सकता है शिशु को कोई और समस्या हो। शिशु का तापमान थर्मामीटर से जांचें और अन्य बिमारी के लक्षण के लिए सावधान रहें। अगर शिशु का रोना आपको असामान्य लगे तो डॉक्टर से परामर्श लें।

अंत में अगर आपने सभी कारणों की जांच कर ली है और फिर भी शिशु रो रहा है, तो परेशान ना हों क्योंकि अपनी परेशानी कहने के लिए शिशु के पास शब्द नहीं है इसलिए वह रो ही सकते हैं। आप फिर भी उन्हें अपने पास रखकर शांत करने की कोशिश कर सकती हैं। 

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