गर्भ में शिशु को किन चीज़ों से खतरा हो सकता है? – जानिए वह कितना सुरक्षित है?

  यदि आप अपनी गर्भावस्था के 20 हफ़्तों के अंदर अपने बच्चे को खो देती हैं तो उसे मिसकैरेज कहते हैं, लगभग 50% गर्भावस्थाओं को मिसकैरेज से गुज़रना पड़ता है और 80% मिसकैरेज गर्भावस्था के पहले 3 महीनों में होती है| मिसकैरेज ना होने का चांस आपकी गर्भावस्था के 20 हफ़्तों बाद बहुत कम हो जाता है, अगर उसके बाद भी मिसकैरेज हुआ तो वो बहुत कम स्तिथि में होता है जिसे हम लेट मिसकैरेज के नाम से जानते हैं|

मिसकैरेज होने के आसार:

1. हल्की या अधिक ब्लीडिंग होना

 

  2. पेट में अधिक दर्द होना

 

3. बुखार

 4. आपकी पेट के आस पास की मांसपेशियों में अधिक दर्द होना

5. कमज़ोरी

 6. पीठ दर्द

 यदि आपको ऐसे आसारों से गुज़रना पड़ रहा है तो फ़ौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें और खुद को सही तरीके से चेक करवाएं|

आख़िर मिसकैरेज होने का क्या कारण है?

 कई मिसकैरेज होने का कारण होता है बच्चे में जेनेटिक मैल्फ़न्क्शन होना और ना की माँ के कारण| लेकिन ऐसे अन्य कारण भी हैं जिसकी वजह से मिसकैरेज हो सकता है:

इंफेक्शन

माँ को डायबिटीज़ या थाइरोइड होना

 हॉर्मोनल इम्बैलेंस

इम्युनिटी में कमी आना

माँ को शारीरिक रूप से परेशानी से गुज़रना

कमज़ोर यूटेरस

 इन परिस्तिथियों में मिसकैरेज होने का खतरा बढ़ जाता है:

-अगर माँ की उम्र 35 साल से ऊपर है

-अगर माँ को डायबिटीज़ या थाइरोइड है

-अगर माँ को अब तक 3 मिसकैरेज हो चुके हैं

सर्विकल कमज़ोरी

 आपके सर्विस की कमज़ोरी के कारण आपका गर्भ बच्चे को संभालने के लिए तैयार नहीं रहता और दूसरी तिमाही में मिसकैरेज होने का यही एक कारण होता है| कुछ लक्षण जो देखे गए हैं वो हैं- गर्भावस्था महिला को अपने यूटेरस के नीचले हिस्से में भारीपन महसूस होगा और इसके कारण आपके होने वाले बच्चे के शरीर के साथ अम्बिलिकल कॉर्ड और थोड़ा बहुत खून आपकी योनि के रास्ते से नीचे की तरफ़ गिरने लगते हैं|

ये बहुत ज़रूरी है की आपको इन बातों की ख़बर हो, हम आशा करते हैं कि आपकी गर्भावस्था खुशल मंगल हो| इस जानकरी को दूसरी महिलाओं के साथ भी शेयर करें!

Leave a Reply

%d bloggers like this: