गर्भ की जगह पेट से शिशु को जन्म देना – एक्टोपिक प्रेगनेंसी

  क्या आप में से किसी ने सुना है कि कभी किसी गर्भवती स्त्री की संतान उसके गर्भाशय में न होकर उसके पेट में बढ़ा हो ? आशचर्यचकित करने वाला यह मामला तंज़ानिया में तब सामने आया जब एक 32 वीक गर्भवती महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास गई जहां उसे पता चला की उसका शिशु उसके गर्भ में न होकर उसके पेट की गुहा में पल रहा था। उसके बाद उस महिला को बहुत से टेस्ट एवं अल्ट्रासाउंड से गुजरना पड़ा और बाद में कई स्कैन्स के बाद यह अति दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया। सभी टेस्ट्स के बाद उस महिला के इस केस को एक्टोपिक प्रेगनेंसी यानी अस्थानिक गर्भधारण जो की गर्भावस्था का एक जटिल रूप है, उसके अंतर्गत पाया गया।

इससे पहले की आप भयभीत होकर कुछ ज़्यादा चिंतित हो जाएं, हम ये बता दें की उस महिला ने सर्जरी के बाद एक बहुत ही स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

इस केस को पढ़ने के बाद निश्चय ही आपके मन में इस समस्या के बारे में कई प्रश्न उठ रहे होंगे। लाइवसाइंस के अनुसार यह गर्भावस्था का बहुत ही दुर्लभ व जटिल रूप होता है। और आश्चर्य की बात तो यह है की यह समस्या 10,000 में से किसी एक गर्भावस्था में ही पाया जाता है। यह समस्या तब होती है जब किसी महिला के भ्रूण का विकास गर्भाशय में न होकर फॉलोपियन टियूब में होने लगता है।

 

  ऐसे तो यह बहुत ही दुर्लभ केस है, परन्तु यह किसी भी महिला को हो सकती है। महिलाएं जिन्होंने पहले गर्भपात कराया हो या जिनके फॉलोपियन टियूब में पहले से कोई समस्या हो, तो उनमें यह परेशानी होने की संभावना थोड़ी ज़्यादा होती है। तो क्यों न पहले से ही हम कुछ बातों का ध्यान रखें जिससे की यह गंभीर परेशानी किसी भी तरीक़े से अनदेखा न हो, क्यूंकि डॉक्टरों का कहना है की बहुत से मामलो में यह समस्या पकड़ में नहीं आती। यह तब उजागर होता जब माँ अपने आठवें या आखिरी महीने में होती है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और ज़्यादातर डॉक्टर इस तरह के परिस्थिति में अक्सर गर्भपात यानी एबॉर्शन की सलाह देते हैं। क्यूंकि इस परिस्थिति में बच्चे और माँ दोनों को ही खतरा होता है और डॉक्टरों की विडंबना होती है की वह माँ या बच्चे में से किसी एक को चुने। पर सवाल यह उठता है की इस गंभीर समस्या को शुरुवात में ही कैसे पकड़े ? जिससे माँ और शिशु दोनों की ही जान बचाई जा सके।

इसका एक बहुत ही आम लक्षण यह है की महिला के पेट के एक हिस्से में काफी दर्द होता है, यह दर्द महिला को बाथरूम जाते वक़्त भी होता है। पर यह तो सिर्फ एक लक्षण है, इसके अलावा भी इसके कई लक्षण है जिससे पहले ही इस गंभीर समस्या का पता लगाया जा सकता है। उनमें से कुछ इस प्रकार है जैसे, पेट के निचले हिस्से में गंभीर दर्द, चक्कर आना, योनि से खून आना, पेट में ऐंठन, कंधे या गर्दन में दर्द होना या कमजोरी लगना। अगर आप भी अपने गर्भावस्था के दौरान ऐसी कोई समस्या से गुजर रहीं हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हमेशा याद रखें आपकी सुरक्षा आपके अपने ही हाथों में है, तो इसको बिलकुल भी नज़रअंदाज़ न करें। और कोई भी चीज़ मुश्किल हो सकती है, नामुमकिन नहीं, इसका मतलब इस समस्या का भी उपाय है अगर यह वक़्त रहते पकड़ में आ जाए। 

हैप्पी प्रेगनेंसी !

Leave a Reply

%d bloggers like this: