प्रेगनेंसी के वक़्त पीरियड्स- कितना सच, कितना झूट

पहली बार माँ बनने का एहसास किसी भी लड़की के लिए एक बहुत ही सुखद अनुभव होता है। यह एक अनमोल अनुभव होता है, जिसे सिर्फ एक लड़की ही महसूस कर सकती है। हाँ, यह इतना आसान भी नहीं होता। जब कोई लड़की माँ बनती है तो उसे कई जटिलताओं का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं में से एक है प्रेगनेंसी के वक़्त रक्तस्त्राव होना। एक सवाल जो थोड़ा असामान्य है वो यह की ‘क्या प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड्स होते हैं ?’ हां, अक्सर यह सवाल बहुत से सोशल साइट्स पर या किसी कमेंट में देखने को मिल सकता है, बहुत सी महिलायें ये सवाल उठाती हैं, खासकर वह महिलाएं जो पहली बार माँ बन रही हो। तो चलिए बताते हैं यह कितना सच है।

सच तो यह है की प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड्स नहीं होते और न होने चाहिए। हालाँकि प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाओं के योनी से रक्तस्त्राव होता है और कुछ महिलाओं को थोड़ा ज़्यादा होता है, जो की बिलकुल पीरियड्स जैसा ही होता है। परन्तु इसका मतलब यह नहीं की आपको पीरियड्स हो रहा है। कोई भी महिला जो माँ बनने वाली हो उसके योनि से अगर खून निकले तो थोड़े देर क लिए चिंता का कारण ही हो जाता है। हालाँकि एक गर्भवती स्त्री के लिए यह एक चिंता का कारण ज़रूर होता है, क्यूंकि इससे गर्भपात होने का भी डर होता है। पर कभी-कभी न यह पीरियड्स होता है और न ही गर्भपात होने का खतरा होता है। इन सबके आलावा इसके कई अन्य कारण भी हैं, जो की हम आज बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी के वक़्त रक्तस्त्राव कितना सच

गर्भावस्था के समय पहले तिमाही में रक्तस्त्राव होना एक आम बात है, अमेरिकन प्रेगनेंसी एसोसिएशन के अनुसार लगभग 20 से 30 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती समय में  रक्तप्रवाह सामान्य होता है, और उनमे से ज़्यादातर महिलाएं स्वस्थ प्रसव का अनुभव करती हैं। कुछ महिलाओं के उनके पीरियड्स के बचे होने से रक्तस्त्राव होता है, जिन्हें महिलायें पीरियड्स समझने की भूल कर बैठती हैं। यह स्पॉटिंग बहुत ही आम बात है, पर अगर आप कुछ ज़्यादा या असामान्य तरह से बहुत ज़्यादा रक्तस्त्राव का सामना कर रहे हैं तो, बिलकुल देर न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। क्यूंकि असामान्य तरीके से रक्तस्त्राव होना गर्भपात, हॉर्मोन में बदलाव, इन्फेक्शन, तनाव के लक्षण हो सकते हैं।

इन सबके अलावा प्रेगनेंसी के वक़्त रक्तस्त्राव के कुछ और कारण भी हैं। नीचे कुछ और कारण इस प्रकार हैं।

गर्भपात

अगर आपका ब्लीडिंग असामान्य और वक़्त से ज़्यादा हो रहा हो तो गर्भपात की समस्या हो सकती है। इसलिए ज़रा भी देर न कर के तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। गर्भावस्था के 12 सप्ताह के दौरान गर्भपात होना बहुत ही सामान्य होता है क्यूंकि इस वक़्त तक भ्रूण का अच्छी तरह से विकास नहीं हुआ रहता इसलिए इस वक़्त गर्भवती महिला को अपना खास ख़याल रखना चाहिए।

एक्टापिक प्रेगनेंसी

यह वो प्रेगनेंसी है जिसमें भ्रूण गर्भ में न होकर पेट में पलने लगता है और इसका मूल ज़िम्मेदार फलोपीअन ट्यूब होता है। हालांकि यह बहुत ही दुर्लभ केस है और 100 में से किसी एक या दो को ही को होता है पर, इस दौरान एहतियात बरतना ज़रूरी है वरना माँ और बच्चे दोनों के जान को खतरा हो सकता है

यौन सम्बन्ध

प्रेगनेंसी के दौरान यौन सम्बन्ध बनाए से भी ब्लीडिंग होने का खतरा रहता है।

मोलर प्रेगनेंसी

ब्लीडिंग के लिए मोलर प्रेगनेंसी बहुत कम मौको पर ही ज़िम्मेदार होता है, यह भी एक्टापिक प्रेगनेंसी जैसी ही एक दुर्लभ केस है। मोलर प्रेगनेंसी को मोल भी कहते हैं और इस दौरान भ्रूण की जगह अबनॉर्मल टिश्यू विकसित हो जाता है जो की गर्भवती महिला के लिए एक बहुत गंभीर समस्या बन जाती है।

यह कुछ समस्याएं हैं जो की प्रेगनेंसी के दौरान रक्तस्त्राव की समस्या का कारण बन सकता है, इनके अलावा ब्रेकथ्रू ब्लीडिंग, सर्वाइकल इरोज़न जैसी समस्याएं भी प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग का कारण बन सकते हैं। इसलिए अगर कभी भी आपको अपने गर्भावस्था के दौरान कुछ असामान्य लगे तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें और अपने डॉक्टर को अपने लक्षणों के बारे में सही सही जानकारी दें। 

हैप्पी प्रेगनेंसी !

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