क्या पिता के शराब का सेवन करने से शिशु प्रभावित होता है?

  हम जानते हैं की मां के इसका सेवन करने से उनके शिशु को फैटल अल्कोहल सिंड्रोम का जोखिम होता है लेकिन एक नया अध्ययन दर्शाता है की पिता को भी शराब नहीं पीनी चाहिए।

आप शायद सोचते हैं की गर्भ धारण की कोशिश और गर्भवती हो जाने के बाद शराब से दूर रहकर आप अपने शिशु की रक्षा कर रही है और हां गर्भावस्था के दौरान शराब की प्रत्येक बूंद को कम करके आप एक स्वस्थ शिशु पाने की संभावना को बढ़ा रही हैं लेकिन अध्ययन यह संकेत करता है की सिर्फ इतना ही पर्याप्त नहीं है।

  एक नये अध्ययन के अनुसार, शिशु को तब भी फैटल अल्कोहल सिंड्रोम हो सकता है जब उसकी मां एक भी घूंट शराब ना पीती हों। कैसे? यह सब पिता के शराब का सेवन करने पर निर्भर करता है। एक अध्ययन जो अमेरिकन जर्नल ऑफ स्टेम सेल में प्रकाशित हुआ था, उसमें विस्तार से जानकारी दी गई है की कैसे पिता की जीवनशैली का अप्रत्याशित प्रभाव शिशु की सेहत पर पड़ सकता है।

यहां हम अध्ययन के निष्कर्ष के कुछ प्रमुख बिंदु बताएँगे,जो सिर्फ शराब के सेवन की स्थिति तक सीमित नहीं है। माता-पिता का शराब का सेवन करना जन्म के समय कम वजन से जुड़ा है, मस्तिष्क के आकार में कमी और खराब संज्ञानात्मक कार्य। इसी के साथ उम्र में ज्यादा बड़े पिता से जन्म लेने के कारण शिजोफ्रेनिया का विकास,औटिज्म और जन्म संबंधी विकारों के बढ़ने का जोखिम होता है और अगर पुरुष ने अपनी किशोरावस्था में सही पोषण ना लिया हो,तो उनके शिशु को जिंदगी में आगे चलकर हृदय रोग होने का जोखिम होता है। नैदानिक रुप से मोटापे वाले पुरुष के शिशु की कोशिकाएं भी मोटी होती है और वह मोटापे और मधुमेह के प्रति संवेदनशील होते हैं और मानसिक तनाव से गुजर रहे पिता की संतानों में भी व्यवहार संबंधी समस्या आ सकती है।

तो क्या इसका मतलब है की जो पुरुष बच्चा चाहते हैं उन्हें कभी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए? थोड़ा भी नहीं!

हंसा भार्गव एम.डी, एक बाल-रोग विशेषज्ञ जो इस अध्ययन से जुड़ी नहीं है, उन्होंने इन निष्कर्षों की तुलना की है।

“हालांकि यह स्पष्ट नहीं है की शराब की कितनी मात्रा से फर्क पड़ता है लेकिन फैटल अल्कोहल सिंड्रोम के जोख़िम और पिता के शराब सेवन के बीच संबंध है। जब तक की यह पता चले, अगर आप शिशु को जन्म देने का विचार कर रहे हैं तो बेहतर होगा की शराब के सेवन को कम करें।”

“डॉ.भार्गव फिट प्रेग्नेंसी में बताती है की माता-पिता दोनों ही प्रसव से पहले या बाद शिशु की बेहतर सेहत को सुनिश्चित करने में शामिल होते हैं। पूरे परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा की आप नियंत्रित मात्रा में पिए। अगर कोई महिला गर्भवती हैं और उनके गर्भ में भ्रूण है, तो उन्हें बिल्कुल भी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।”

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