अपने शिशु में अस्थमा का विकास कैसे रोकें- जानिये

लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्थमा तेजी से बच्चों के बीच सामान्य हो रहा है। अस्थमा वायुमार्ग से फेफड़ों की एक इन्फ्लेमेटरी बीमारी है। यह वायुमार्ग सूज जाते हैं जिस कारण सांस लेने में दिक्कत होती हैं। सही योजना, दवाइयों और इससे बचने के उपायों के साथ अस्थमा से बच्चों को बचाया जा सकता है लेकिन जैसा की कहा जाता है की उपचार से बेहतर है रोकथाम।

यह है कुछ उपाय जो आपके बच्चों में अस्थमा के विकास की संभावना को कम करेंगे–

धूल से बचाव – इस बात को सुनिश्चित करें की जिस जगह वह ज्यादा समय बिता रहे हैं वह साफ हो। उनके खिलौने, अलमारी और ऐसी चीजें भी जो वो बहुत कम इस्तेमाल करते हैं उन्हें साफ रखें। भारी परदों की अपेक्षा हल्के परदों का इस्तेमाल करें। बिस्तर का चादर हर हफ्ते बदलें और कीटाणुओं से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए इसे गर्म पानी में धोंए।

वायु प्रदूषण को जांचें – अपने बच्चों को खेलने के लिए बाहर ले जाने से पहले ऐसे पार्क और खेलने का क्षेत्र ढूंढ़े,जो रोड से जितना हो सके उतना दूर हो। अगर आपके आसपास के वातावरण में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है और बच्चे को बहुत सा समय बाहर व्यतीत करना पड़ता है तो इप दिन में एयर फिल्टर मास्क का इस्तेमाल करें।

जितना हो सके उतना धूम्रपान से दूर रहें – आप शायद धूम्रपान के हानिकारक प्रभाव से अवगत होंगे। धूम्रपान का धुआं फेफड़ों को तकलीफ देता है हालांकि यह तकनीकी रुप से एलर्जन नहीं है। अगर आपके पति या घर का कोई भी सदस्य धूम्रपान करता है तो अपने बच्चों को धूम्रपान के दौरान उनसे दूर रखें।

पालतू जानवरों से एलर्जी – बच्चे कुत्ते और बिल्लियों से एलर्जीक हो सकते है। इसका निदान मुश्किल हो सकता है क्योंकि आप अपने पालतू जानवर को कभी भी एलर्जन के तौर पर नहीं देखते हैं। जब आपका पालतू जानवर आसपास हो तो शिशु में इन संकेतों को देखें जैसे खांसना, छींकना आदि। अगर आपको कुछ गड़बड़ महसूस हो तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह लें। अगर आपके शिशु को जानवर से एलर्जी है तो उसे घर के बाहर रखें और बच्चे से दूर।

घर को फफूंदी लगने से बचाएं – फफूंदी आमतौर पर घर में ह्यूमडेटी के स्तर के कारण विकसित होती है। इस बात को सुनिश्चित करें की लम्बे समय के लिए घर के किसी भी हिस्से को नम नहीं छोड़े। खाना बनाने के दौरान खिड़की खुली रखें और साथ ही बाथरूम में एक्जौस्ट फैन भी लगाएं। एयरकंडीशनर और ह्यूमिडिफायर को भी नमी को इष्टतम स्तर पर रखने के लिए जाना जाता है।

अगर आप यह सब चीजें करते हैं तो भी आपके बच्चे को अस्थमा होने की संभावना हो सकती है, अगर यह अनुवांशिक है। आप केवल इतना कर सकते हैं की इन सावधानियों द्वारा अस्थमा के विकास में कुछ कमी ला सकते हैं।

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