बेबी वियरींग के बारे में आपको सबकुछ पता होना चाहिए

  माता-पिता हर कहीं हमेशा अपने शिशु को संरक्षण देने की कोशिश करते हैं और जीवन में उन्हें हर बेहतर चीज़ देना चाहते हैं। इसमें हर तरह की चीजें शामिल होती है उन्हें सही भोजन देना, उनके लिए मुलायम और आरामदायक कपड़े खरीदना, उन्हें साफ रखना और जब भी उन्हें जरूरत हो उन्हें भी!

बाहों में भर लेना। अपने शिशु को गले लगाए रखने के लिए के लिए बेबी वियरींग से बेहतर और क्या हो सकता है?

हालांकि इसपर अभी भी कई विवाद है की बेबी वियरींग वास्तव में शिशु के लिए अच्छा है या बुरा? कुछ लोग मानते हैं की यह शिशु को सारा समय सुरक्षित महसूस कराने के लिए जरूरी है। कुछ कहते हैं की आने वाले जीवन में उनके लिए अपने आप सो पाना मुश्किल होता हैं। क्या आप सोच रहे हैं की आपके शिशु के लिए क्या बेहतर है?

बेबी वियरींग के फायदे:

यह क्रेनियल डिफोर्मटाइज को रोकने में मदद करता है : जब आप अपने शिशु को कार सीट में बिठाते हैं या शिशु घूमता है तो इससे रीढ़(स्पाइनल) या क्रेनियल डिफोर्मटाइज हो सकता है।

इससे उन्हें लगातार सांस लेने में मदद मिलती है : बेबी वियरींग को शिशु के दिल की धड़कन और श्वास लेने के पैटर्न को उसी की तरह लाने के लिए जाना जाता है,जो उन्हें सीने से लगाकर रखता है।

स्तनपान कराने में मदद मिलती है : जब आप अपने शिशु को अपने शरीर के पास रखते हैं तो उन्हें जब भी भूख लगती है,आप उन्हें फौरन उनके रोने से पहले भोजन दूध पिला सकती है।

यह आपके शिशु को आराम पहुंचाने और शांत करने में मदद करता है: जिन शिशुओं को बेबी वियरींग दी जाती है,वह उन शिशुओं की तुलना में कम रोते हैं, जिन्हें यह नहीं दिया जाता हैं।

बेबी वियरींग से जुड़े मिथ-

आपका शिशु स्वयं शांत होना नहीं सीखेगा – जिन शिशुओं को बेबी वियरींग में ले जाया जाता है वह स्वयं आत्मनिर्भर हो जाते हैं। उनमें तनाव का स्तर कम होता है और उनकी क्षमता बढ़ती है।

आपके शिशु को बिस्तर पर सोना चाहिए, पालने में नहीं – शिशु पालने में सोने में ज्यादा सुविधाजनक महसूस करते हैं। आपके शिशु का पालने में सोना कोई बुरी आदत नहीं है। आपका शिशु थोड़ा बड़ा होने के बाद अपने आप बिस्तर पर सोना सीख जाएगा।

इससे शिशु बिगड़ जाते हैं – आपका शिशु अब भी छोटा इंसान है, उन्हें आपके साथ की और सहज महसूस करने की सख्त जरूरत है। उनका ख्याल रखकर और उन्हें प्यार करके आप उन्हें बिगाड़ नहीं रही है बल्कि आप उन्हें वह सारा ध्यान दें रही है जिसके वह हकदार हैं।

इससे शिशु को गर्मी लगती है – अगर सही तरह से बेबी वियरींग की जाए तो इससे शिशु को घूटन या गर्मी नहीं लगती है। हमेशा अपनी त्वचा और शिशु के गालों के बीच एक उंगली का फ़ासला बनाए रखें। अपने शिशु के सर को कैरियर से बाहर रखें।उनका सर जितना हो सके उतना अपनी गर्दन के पास रखें। जब आप नीचे झुकें तो आपको उनका चेहरा दिखना चाहिए और जब आप अपना सर थोड़ा सा मोड़ें तो आप अपने शिशु को चूमने में सक्षम हों।

शिशु के हाथ-पांव को नुक्सान होता है – अगर आप शिशु को सही कैरियर में ठीक तरह से रखतें हैं तो उनके घुटने और कुल्हों के विकास में कोई समस्या नहीं होगी। इस बात का ध्यान रखें की उनके घुटने मुड़े हुए हों और सीधे ना हो। अगर उनके पांव सीधे रहते हैं तो इससे उनके कूल्हों पर दबाव पड़ सकता है।

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